मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरे गाल पिचक गए: शिवराज सिंह चौहान

Updesh Awasthee
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर मौके का फायदा उठाने की कला में माहिर हैं। व्यापमं घोटाले के बाद से उनके सुर्ख गाल पिचकते जा रहे हैं, उन्होंने इसे भी फायदे का कारण बनाने की कोशिश की। कटनी के बड़वारा में आयोजित अंत्योदय मेले में उन्होंने कहा कि 'देखिए, मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरे गाल कितने पिचक गए हैं।'

शिवराज सिंह चौहान 11 साल से मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पद पर हैं। सभा में उन्‍होंने कहा, ”आप ने कैसे कैसे मुख्यमंत्री देखे होंगे, जिनके गाल लाल हो जाते थे, मोटे हो जाते थे। मगर वे ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनके गाल और चेहरा पिचक गया है।” यहां पर शिवराज ने 40 करोड़ रुपये की की लागत के कई विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्‍होंने लोगों से लोगों से भाजपा का साथ देने की मांग करते हुए कहा, ”मैं विकास के सारे रिकॉर्ड तोड़ दूंगा, आप बस साथ देने का रिकॉर्ड बनाएं।”

शिवराज सिंह चौहान पिछले 11 साल से मप्र के मुख्यमंत्री है। ये उनकी तीसरी पारी चल रही है। इस बार ​का विधानसभा चुनाव उनके नाम पर लड़ा गया और जीता भी गया लेकिन इसके बाद हुए व्यापमं घोटाले के खुलासे ने उनकी लोकप्रियता का बढ़ता ग्राफ एकदम से नीचे गिरा दिया। हालात यह बने कि जिस मप्र में विधायकों को शिवराज सिंह की अपील पर वोट मिल गए थे, उसी मप्र में उनका विरोध शुरू हो गया। यह लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तो आरएसएस ने भी मान लिया है कि मप्र में शिवराज सिंह​ विरोधी लहर चल रही है। निश्चित रूप से यह तनाव की बात है। यह सुनकर किसी के भी गाल पिचक सकते हैं। 

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