मंत्री और अधिकारियों की संयुक्त बैठक में सीएम शिवराज सिंह के फैसले

Tuesday, September 6, 2016

भोपाल। राजधानी में आज हुई मंत्री और अधिकारियों की संयुक्त बैठक में सीएम शिवराज सिंह ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। उन्होंने कहा कि यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए पद खाली नहीं हैं तो संविदा नियुक्ति दें। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करने एवं 85 लाख स्टूडेंट्स को एक साथ छात्रवृत्ति देने के आदेश दिए। 

आँगनवाड़ियों में ठेकेदारी खत्म 
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि आँगनवाड़ियों में पोषण आहार प्रदाय करने की व्यवस्था का विकेन्द्रीकरण करें और कान्ट्रेक्टर की व्यवस्था को समाप्त किया जाये। खसरा और खतौनी की नकलें साल में एक बार मुफ्त सभी किसानों को दी जाये। सभी मंत्री अपने-अपने विभाग की हर सप्ताह सोमवार को समीक्षा करें। विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये प्रभावी कार्रवाई करें। इनमें मुख्यमंत्री हेल्पलाईन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, विजन-2018 और जन-संकल्प 2013 की प्राथमिकताओं की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जन-भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भोपाल में स्लाटर हाऊस बीच शहर में नहीं बनेगा। 

अनुकंपा नियुक्ति नहीं तो संविदा नियुक्ति दें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अनुकम्पा नियुक्ति के जिन प्रकरणों में विभागों में पद खाली नहीं है उनमें पात्रों को संविदा नियुक्ति दी जाये तथा जब पद खाली हो तब उन्हें अनुकम्पा नियुक्ति दी जाये। सभी विभाग राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार काम करें। योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाये। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता की समस्याओं से जुड़ी नयी सेवाएँ जोड़ने के प्रस्ताव सभी विभाग भेंजे। भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखी जाये। इस तरह के मामलों में तुरंत सख्त कार्रवाई की जाये। विजन 2018 और जन-संकल्प 2013 के अनुरूप बनायी गयी कार्य-योजना का क्रियान्वयन सभी विभाग करें। सभी विभाग अच्छा काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की योजना बनायें।

लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें 
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि शहरी कल्याण की योजनाओं से जुड़े सभी हितग्राहियों के सम्मेलन आयोजित कर उन्हें लाभान्वित करें। फाइलों के ट्रेकिंग सिस्टम को और ज्यादा प्रभावी बनाया जाये। लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई करें। छात्रगृह और छात्रवृत्ति योजना में तिमाही में वित्तीय व्यय की सीमा को बढ़ाकर छह माह किया जाये।

अस्पतालों को सुधारो, मनरेगा का भुगतान करो 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक वर्षा से खराब हुई सड़कों की मरम्मत की कार्य-योजना बनायें। निवेश के प्रस्तावों पर सभी विभाग समय-सीमा में निर्णय लें, इस तरह के प्रकरण लंबित नहीं रहे। लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ऑपरेशन थियेटरों तथा जाँच मशीनों के सुधार का सघन अभियान चलायें। भवन निर्माण और कर्मकार मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत मजदूरों को विभिन्न कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने के लिये अभियान चलाया जाये। प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर सभी विभाग ध्यान दें। मनरेगा के राज्य बजट से रिवाल्विंग फण्ड बनाया जाये जिससे केन्द्र से राशि आने में देरी हो, तो काम नहीं रूके। खेत सड़क योजना में निर्माणाधीन कार्य एक-एक कर पूरे किये जायें। मनरेगा की मजदूरी का भुगतान समय से हो।

85 लाख बच्चों को एक साथ छात्रवृत्ति
बैठक में बताया गया कि कक्षा एक से बारह तक के 85 लाख बच्चों को अगले माह एक ही दिन में ऑनलाईन छात्रवृत्ति वितरित की जायेगी। सबके लिये आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। मनरेगा में प्रदेश में साढ़े तीन लाख कार्य निर्माणाधीन है। सुगम लोक परिवहन के लिये प्रदेश के 26 शहर की कार्य-योजना बनायी गयी है। नगरीय क्षेत्र में इस वर्ष शहरी गरीबों के लिये डेढ़ लाख आवास बनाये जायेंगे। शहरी विकास की अमृत योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अव्वल है। प्रदेश में इस योजना में 2247 करोड़ रूपये के टेण्डर किये गये हैं तथा 1435 करोड़ रूपये के कार्य किये जा चुके हैं। बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाईन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम और भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन की स्वीकृति की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव तथा विभागीय प्रमुख मौजूद थे।

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