मप्र: पंचायत ने तेल-मसालों पर प्रतिबंध लगाया

Updesh Awasthee
बैतूल। लावन्या गांव में पंचायत ने तेल-मसालों और मांसाहार पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध एक टोटका है। गांव में पालतू पशुओं की लगातार मौत हो रही है। गांव के भगतजी ने बताया कि यदि गांववाले तेल-मसालों और मांस मछली खाना छोड़ देंगे तो देवता प्रसन्न होंगे और पशुओं की मौत का सिलसिला थम जाएगा। बस फिर क्या था पंचायत ने फरमान जारी कर दिया। यदि तेल-मसालों का उपयोग किया तो 551 रुपए जुर्माना भरना होगा। 

मामला पशु चिकित्सा व्यवस्थाओं की नाकामी का है। इस गांव में 25 से 30 मवेशियों की मौत हो चुकी है। सरकारी ढर्रा सब जानते हैं इसलिए अब उम्मीद भी छोड़ दी। गांववाले इस समस्या के निदान के लिए भगतजी के पास पहुंचे। भगतजी की सलाह पर पंचायत ने गांव में तेल-मसाले के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया। अब हालत यह है कि गांव में बच्चों सहित सभी ग्रामीणों को बिना तेल-मसाले का भोजन करना पड़ रहा है। 

कोई मांस-मछली भी नहीं खा पा रहा। यहां तक कि गांव के स्कूल में मध्याह्न भोजन में भी पंचायत के आदेश के बाद तेल-मसाले का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। बच्चों का कहना है कि उन्हें खाने में बिल्कुल भी स्वाद नहीं आता। 

भूख लगने के बाद भी खाने की इच्छा नहीं होती, पर गांव के पंचायत व भगत की मानें तो गांव के पशुओं की मौत रोकने का यही एक तरीका है। गांव के लोग रोटी और भूने हुए आलू और पिसी हुई मिर्ची की चटनी खा कर गुजारा कर रहे हैं। इस गांव की आबादी आठ सौ है।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!