भोपाल। राजधानी में मारुति की कारें बेचने वाली प्रख्यात आॅटोमोबाइल ऐजेंसी मायकर को उपभोक्ता फोरम ने अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया है। मायकर ऐजेंसी के मालिक पर 5000 रुपए का जुर्माना ठोका है जबकि 5000 रुपए प्रतिवाद व्यय और 7117 रुपए मुआवजा भुगतान करना होगा। सोमवार को अध्यक्ष पीके प्राण, सदस्य सुनील श्रीवास्तव और डॉ मोनिका मलिक ने मामले की सुनवाई की।
12 दिसंबर 2012 को शशिकला नायडू ने फोरम में शिकायत की थी कि उन्होंने ऑटो मोबाइल डीलर से आल्टो कार खरीदी थी। इंश्योरेंस और आरटीओ चार्ज जोड़कर पहले उन्हें कार की कीमत दो लाख 70 हजार 24 रुपए की बताई गई। साथ ही कहा था कि आरटीओ और इंश्योरेंस का व्यय खुद करा ले तो उन्हें डिस्काउंट मिलेगा। जब उन्होंने पुरानी कार देकर नई कार खरीदी तो एजेंसी ने वादा पूरा नहीं किया। कार की नंबर प्लेट और शीशे में बिना सहमति के माय कार का विज्ञापन लगा दिया।
फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माय कार को अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी मानते हुए उपभोक्ता को वसूली गई अतिरिक्त राशि, मानसिक त्रास के लिए हर्जाना और परिवाद व्यय देने का आदेश दिया। फोरम के सदस्य सुनील श्रीवास्तव का कहना है कि फोरम की संयुक्त बैंच ने इस तरह का फैसला पहली बार दिया है।
