
राजनैतिक घोटाला नहीं व्यक्तिगत धोखाधड़ी है
सीबीआई का मानना है कि सभी मामले व्यक्तिगत धोखाधड़ी से जुड़े हुए हैं एवं यह किसी भी प्रकार से संगठित भ्रष्टाचार नहीं है। यह एक इत्तेफाक है कि कई मामलों में आरोपी एक ही व्यक्ति है। सीबीआई का यह भी मानना है कि कथित व्यापमं घोटाले में जूनियर लेवल के अधिकारी आरोपी हैं लेकिन इसमें किसी भी प्रकार का राजनैतिक दखल नहीं हुआ है।
CBI की अधिकृत प्रतिक्रिया क्या है
इधर टाइम्स आॅफ इंडिया ने सीबीआई के बड़े अधिकारियों के हवाले से शिवराज सिंह एवं परिवार को क्लीनचिट दी है तो उधर सीबीआई की ओर से ऐसी कोई भी अधिकृत प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई। सीबीआई प्रवक्ता देवप्रीत सिंह का कहना है कि हमने 155 मामले दर्ज किए एवं 6 मामलों में चालान पेश कर दिए हैं। शेष मामलों में जांच जारी है। उन्होंने ना तो घोटाला प्रमाणित होने की बात कही और ना ही इससे इंकार किया। जैसा कि अखबार ने किया।
महत्वपूर्ण जांच अभी बाकी है
भोपाल समाचार डॉट कॉम के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार व्यापमं घोटाले में सीबीआई फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, डिजीटल एक्सपर्ट एवं फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अभी तक इस संदर्भ में जांच रिपोर्ट सीबीआई को प्राप्त नहीं हुईं हैं।
राजनीति क्या है
मीडिया के पंडितों का कहना है कि यह एक सोची समझी राजनीति के तहत छपवाई गई खबर है। इस खबर के माध्यम से पब्लिक का मूड नापा जाएगा। वो व्यापमं घोटाले को लेकर अभी भी आंदोलित है या नहीं। यदि पब्लिक का तीव्र आक्रोश सामने आया तो रणनीति बदल दी जाएगी, अन्यथा आधिकारिक रूप से भाजपा के माथे पर लगा यह दाग धो दिया जाएगा।