पेयजल के दुरूपयोग पर 2 साल की कैद

Updesh Awasthee
राजेश शुक्ला/अनूपपुर। विकासखंड कोतमा में गिरते जल स्तोत्र एवं जल संकट को लेकर एसडीएम आर.एन. सिंह ने बताया कि जल संकट के कारण नदी, तालाब, शासकीय व निजी हैण्डपंप, नगर पालिका द्वारा सप्लाई पानी, क्षेत्र मे बने स्टॉप डैम सहित अन्य जल स्त्रोत के पानी का उपयोग सिर्फ पेयजल के रूप में किया जाएगा। यदि कोई भी इन जल स्त्रोतो से अवैध ईट निर्माण, भवन निर्माण, वाहनो को धोना, जल का विक्रय करते पाया गया तो ऐसे जल दुरूपयोग करने वालो के खिलाफ मप्र पेयजल परिलक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत थाना मे मामला दर्ज कराया जाएगा, जिसमे जुर्माना एवं 2 वर्ष की सजा का प्रावधान है। 

एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र की जीवन दायिनी केवई नदी सहित क्षेत्र के सभी तालाबो एवं डेमो के किनारे लगे ईट भट्टो मे पंप लगाकर किए जा रहे पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके बाद कोई भी व्यक्ति पंप का उपयोग करते पाया गया तो पंप जप्त करते हुये थाने मे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

पूरे क्षेत्र मे भीषण जल संकट को देखते हुए मई एवं जून तक सार्वजनिक हैण्डपंप के पानी का उपयोग भवन निर्माण, वाहनो को धोने सहित अन्य किसी भी प्रकार से दुरूपयोग करते पाए जाने पर दोषी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। हैण्डपंप के पानी का उपयोग सिर्फ पेयजल के रूप में किया जाएगा। क्षेत्र के समस्त नागरिको से अपील की है कि वे जल की कीमत को समझते हुए उसका संरक्षण करे एवं यदि कोई जल स्तोत्रो के पानी का दुरूपयोग कर रहा है तो उसकी जानकारी मेरे मोबाइल नंबर दे, जिस पर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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