मुरैना। ओलावृष्टि व बारिश से प्रभावित फसलों को लेकर किसानों ने मंगलवार को जिले में स्टेट हाईवे पर आठ जगह चक्काजाम किया। इसके अलावा एक जगह ग्रामीण क्षेत्र के मार्ग पर चक्काजाम किया गया। पोरसा के गढ़िया गांव के पास सुबह सात बजे से लगे चक्काजाम में नौ बजे पहुंचे अंबाह विधायक सत्यप्रकाश से किसानों ने माइक छीन लिया और कहा कि यहां से चले जाओ। उधर जिले में जगह-जगह हुए चक्काजाम कलेक्टर विनोद शर्मा व एसडीएम प्रदीप तोमर ने किसानों को सही सर्वे का आश्वासन देखकर खुलवाए। जिले के कुछ गांवों से किसान ओला प्रभावित फसलें लेकर मुरैना कलेक्टोरेट पर आए। दो गांवों के किसान कलेक्टर बंगले पर भी पहुंचे।
गढ़िया गांव के पास स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर लगाकर चक्काजाम किया गया। यहां एसडीओपी किशोर सिंह भदौरिया पहुंचे। फिर नौ बजे के करीब अंबाह विधायक सत्यप्रकाश पहुंचे। इसके बाद पोरसा तहसीलदार राजीव समाधिया आ गए। साथ ही अंबाह तहसीलदार मनीषा कौल भी मौके पर आईं। विधायक को देखकर यहां नारेबाजी होने लगी। जब विधायक सत्यप्रकाश ने माइक पकड़कर कुछ बोलना चाहा तो गुस्साए किसानों ने उनके हाथ से माइक छीन लिया। किसानों ने विधायक से कहा कि यहां से चले जाओ। अप्रिय स्थिति देख एसडीओपी भदौरिया ने कहा कि विधायकजी की बात तो सुन लीजिए। तब किसान बोले कि एसडीओपी साहब आप को जो कहना है कहिए, लेकिन विधायक को नहीं बोलने देंगे। तब विधायक यहां से अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए। किसान चिल्ला रहे थे कि विधायक ने पिछले साल भी अपने गांव बुधारा के किसानों को मुआवजा दिलवाया जबकि प्रेमपुरा व गढ़िया गांव के किसानों का नुकसान ज्यादा था, उन्हें मुआवजा नहीं मिला। जबकि प्रभारी मंत्री लाल सिंह आर्य व तब कीं कलेक्टर शिल्पा गुप्ता भी मेंहदोरा गांव तक में कह गई थीं कि सभी को मुआवजा मिलेगा, लेकिन बेटियों के विवाह तक किसान तरस गए।