बगदाद। आईएस की ऑनलाइन मैगजीन दाबीक में कहा गया है यजीदी के साथ क्रूरता धार्मिक आधार पर किया जाता है। आईएस के कब्जे वाले इलाके में यजीदी महिलाए खरीदी और पैसे के लिए बेची जा हैं। यहां तक कि इन महिलाओं को गिफ्ट के रूप में दिया जाता है। सामानों के लेनदेन में भी यजीदी महिलाओं का ये इस्तेमाल करते हैं। इन महिलाओं के साथ अल्लाह के नाम पर दास बनाकर बेरहमी से रेप किया जाता है। इतना ही नहीं जो भी महिला इस्लाम कबूल नहीं करती उसकी हत्या कर दी जाती है। महिलाओं से जबरन शादी कर ली जाती है।
आईएस का कहना है कि यजीदी शैतान की पूजा करते हैं। इसलिए इनके अनुयायी की हत्या को जायज ठहराते हैं। ये इन्हें दास बनाते हैं और रेप करते हैं। यजीदी के धर्मगुरु बाबा शेख ने कहा कि, "ये हमारे घरों और परिवारों से बेटियों को उठा लाते हैं। ये सभी को उठा लाते हैं। हमलोग कहते हैं कि बच्चे ही हमारी अगली पीढ़ी हैं लेकिन ये सभी को लाते हैं। बुजुर्गों तक को भी नहीं छोड़ते।"
आईएसआईएस चीफ की दास रह चुकी महिला का कहना है कि, "वह नूर(महिला की दोस्त) को मारता था। नूर को उन्होंने इराकी प्रांत सिंजर से खरीदा था। आईएसआईएस ने सिंजर प्रांत के एक गांव को लूटा था। इसी दौरान उसने नूर को कब्जे में लिया था।" 22 साल की इस महिला ने बताया कि "लड़ाकों ने उसके साथ रेप किया उसने मुझे एक चिट्ठी दिखाई और कहा, आईएसआईएस के 10 लड़ाके जब किसी दास के साथ रेप करते हैं तो वह मुस्लिम बन जाती है।"