RSS के आधा दर्जन कपूत बदले जाएंगे

Updesh Awasthee
भोपाल। प्रचारकों एवं संगठन मंत्रियों को आरएसएस का सपूत कहा जाता है परंतु मध्यप्रदेश में तैनात आधा दर्जन संगठन मंत्री ऐसे हैं जो कपूत निकले। किसी ने पैसे लेकर टिकिट दिलाए तो किसी ने पत्नि के लिए ही टिकिट मांग लिया। ज्यादातर संगठन मंत्री राजनीति में डायरेक्ट इंटरफेयर करने लगे हैं। 

एक वक्त हुआ करता था जब संघ के प्रचारक और संगठन मंत्री अपनी फोटो और नाम अखबारों में सुर्खियां नहीं बनने देते थे। वो संगठन के पीछे काम करने वाले लोग कहलाते थे, परंतु इन दिनों मध्यप्रदेश में संगठन मंत्री की परिभाषा ही बदल गई है। संगठन मंत्री वो जिसके आगे पीली और पीछे लालबत्ती चले। जलवा इस कदर कि क्या कार्यकर्ता और क्या ठेकेदार, सब के सब स्वागत में मालाएं लिए खड़े रहते हैं और कपूताना हरकत तो यह कि संगठन मंत्री भी मालाओं को सहर्ष स्वीकार कर रहे हैं। 

अब जब विक्रति आ ही गई है तो किसी भी रूप में बढ़ सकती है। हो भी ऐसा ही रहा है। कोई संगठन मंत्री पेरलल सीएम बनना चाहता है तो कोई पेरलल मंत्री। वो तो भला हो व्यापमं घोटाला उजागर करने वालों का, नहीं तो मध्यप्रदेश की कई नोटशीटों में तो आरएसएस के लेटरपेड तक लग गए। जबकि आरएसएस का कोई अधिकृत लेटरहेड होता ही नहीं। यह आरएसएस की परिपाटी ही नहीं है। 

मेनन ने दी विवादों से दूर रहने की नसीहत 
होशंगाबाद में संभागीय संगठन मंत्री के घर भाजपाईयों के हमले के बाद शनिवार को मेनन ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में संगठन मंत्रियों की बैठक ली। इसमें विवादों से दूर रहने की नसीहत के साथ मेनन ने सभी को लक्ष्य दिया का प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार तथा केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति के तहत सफल कार्यक्रम कराएं। यह बात दीगर है कि स्वागत स्वीकारने और फोटो छपवाने में मेनन भी पीछे नहीं हैं। 


ये रहे वो संगठनमंत्री जो विवादों में घिरे 
जितेंद्र लिटोरिया : नर्मदा पुरम का दायित्व। भाजपा के कार्यकर्ता नाराज। हाल ही में इनके घर भाजपाईयों ने पथराव किया। इन पर चाकूबाजी करने वाले एक बदमाश को संरक्षण देने का भी आरोप है। 

बृजेश चौरसिया : रतलाम, मंदसौर और नीमच का जिम्मा। टिकट में वितरण में पक्षपात के आरोप लगे। छुट्टी पर भेज दिया गया है। इनकी जगह नई नियुक्ति होगी। 

बृजभूषण पांडे : दमोह-पन्ना की जिम्मेदारी। लेन-देन के आरोपों में घिरे। छुट्टी पर घर भेजे गए। संगठन स्तर पर वापसी नहीं होने के संकेत। नई नियुक्ति होगी। 

राकेश डामोर : उज्जैन का जिम्मा। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान पत्नि के टिकट के लिए दावेदारी की। संगठन ने इसे गंभीरता से लिया है। 

मनोज सरैया : शहडोल संभाग। जयसिंह नगर नगर परिषद के चुनाव और ब्यौहारी मंडल में नियुक्तियों के दौरान कार्यकर्ताओं ने राशि के लेन-देन के आरोप लगाए। 

हुकुम चंद गुप्ता : छिंदवाड़ा व सिवनी की जवाबदारी। सहकारी बैंक में परिजनों को नियुक्ति दिलाने का आरोप कार्यकर्ताओं ने लगाया है। 

चंद्रशेखर झा : रीवा का जिम्मा। सीधी नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में विवादों में गिरे। भूमिका पर सवाल खड़े हुए। 

चंद्रप्रकाश मिश्रा : जबलपुर नगर व ग्रामीण तथा नरसिंहपुर का जिम्मा। तीन साल से ज्यादा समय हो गया, इसलिए बदले जाएंगे। 

भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!