​बीमा चुराने के आरोप में LIC दण्डित: 27 हजार का जुर्माना

Updesh Awasthee
बिलासपुर। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमाधारक की मौत के बाद बीमा दावा राशि का भुगतान नहीं करने पर भारतीय जीवन बीमा निगम(एलआईसी) को 1 माह के अंदर 9 प्रतिशत ब्याज समेत पॉलिसी राशि 6 लाख 25 हजार रुपए, 25 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति राशि और 2 हजार वाद व्यय देने का आदेश दिया है।

सरकंडा थाना क्षेत्र के बसंत विहार कालोनी निवासी श्रीमती वीणा सिंह के पति संजय कुमार ने 12 अक्टूबर 2009 को भारतीय जीवन बीमा निगम से 6 लाख 25 हजार रुपए की जीवन सुरक्षा पॉलिसी ली थी। 25 मार्च 2010 को बीमाधारक संजय कुमार का उपचार के दौरान अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। पति की मौत के बाद नामनी पत्नी वीणा सिंह ने बीमा राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया। निगम ने उसके आवेदन को निरस्त कर दिया।

इसके खिलाफ पत्नी वीणा सिंह ने एलआईसी के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक बिलासपुर और कोरबा शाखा प्रबंधक के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत किया। फोरम ने एलआईसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। एलआईसी ने अपने जवाब में कहा कि बीमाधारक संजय कुमार ने पॉलिसी लेते समय अपनी हाईटेंपर, आस्थमा और टीबी रोग के संबंध में जानकारी छिपाई थी। इस वजह से बीमा दावा आवेदन निरस्त किया गया है।

इसके खिलाफ आवेदिका की ओर से कहा गया कि निगम के अधिकृत चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पॉलिसी लेते समय वह पूर्ण स्वस्थ्य थे। फोरम के अध्यक्ष अशोक कुमार पाठक और सदस्य प्रमोद वर्मा ने इसे सही पाया। इसके अलावा मृतक के पहले से बीमार होने का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया। फोरम ने सेवा में कमी मानते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम को 23 दिसंबर 2013 से अदायगी तक 9 प्रतिशत ब्याज समेत पॉलिसी राशि 6 लाख 25 हजार रुपए देने का आदेश दिया। इसके अलावा निगम को 25 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति राशि व 2 हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया है।

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