पुलिस इंवेस्टीगेशन में हेल्प कर रहे थे हत्यारोपी

Updesh Awasthee
भोपाल। समरधा पुल के नीचे पिछले दिनों हुए नर्मदाप्रसाद की हत्या एक महिला से प्रेमप्रसंग के कारण हुई थी। उसे महिला के भांजे और देवर ने मौत के घाट उतार दिया था। आरोपी इतने शातिर निकले कि लाश बरामद होने के बाद वे पुलिस को कातिलों का क्लू देते फिर रहे थे।

एसपी अंशुमानसिंह ने बताया कि हत्या के आरोप में मंडीदीप में रहने वाले राहुल तोमर(23) और संतोष तोमर(20) को गिरफ्तार कर लिया है। नर्मदा प्रसाद मीना उर्फ नब्बू होशंगाबाद का रहने वाला था। वह दो माह पहले अपनी मौसी के गुरूभाई मंडीदीप निवासी कुंवरसिंह तोमर के पास काम की तलाश में आया था। कुंवरसिंह ने उसे अपने घर के पास ही कमरा दिला दिया था। घर आने-जाने के दौरान नब्बू का कुंवरसिंह की पत्नी से मेलजोल बढ़ गया था।

यहां तक कि वह तीन बच्चों की मां के साथ शादी करने के बात साचने लगा था। 6 मई को वह अपनी बाइक से महिला के भांजे राहुल और देवर संतोष को लेकर अपने घर होशंगाबाद गया था। रास्ते में शराब पीने के दौरान उसने अपने मन की बात और महिला से संबंधों का बेशर्मी से जिक्र किया। इससे राहुल, संतोष ने उसे ठिकाने लगाने का इरादा कर लिया। मंडीदीप आकर दोनों उसे शराब पिलाने के बहाने से समरधा पुल के नीचे ले गए। वहां दोनों ने चाकू से उसपर ताबड़तोड़ वार कर सिर पर पत्थर पटक दिया। हत्या करने के बाद लाश को कचरे से ढांक दिया।

लाश बरामद होने के बाद पुलिस के साथ थे
8 मई को पुलिस ने नब्बू की लाश बरामद कर उसकी पहचान के प्रयास किए। तलाशी में नब्बू की जेब से एक मोबाइल नंबर मिला था, जो किसी आकाश लोधी का था। पुलिस ने जब उससे संपर्क किया तो उसने उस महिला का नंबर दिया, जिसके घर के पास नब्बू रहता था। इससे लाश की शिनाख्त हो गई थी लेकिन मृतक की पहचान उजागर होते ही आरोपी राहुल और संतोष पुलिस के साथ सक्रिय हो गए। दोनों ने कत्ल के बारे में गुमराह करते हुए कई क्लू बताना शुरू कर दिए लेकिन इस बीच नर्मदा प्रसाद के परिजन भी आ चुके थे। उन्होंने बताया कि 6 मई को राहुल और संतोष नर्मदा के साथ होशंगाबाद स्थित घर पहुंचे थे। इस पर पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

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