छत्तीसगढ़ को ई-पंचायत का नेशनल अवार्ड

Updesh Awasthee
रायपुर। राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ को ई-पंचायत के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री के हाथों यह प्रतिष्ठित पुरस्कार छत्तीसगढ़ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर ने ग्रहण किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय पंचायत राज मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह, केन्द्रीय पंचायत राज राज्यमंत्री निहालचन्द्र, छत्तीसगढ़ सरकार के अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास एम.के. राउत और देश के विभिन्न राज्यों के पंचायत मंत्री तथा हजारों की संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ को ई-पंचायत के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने पर राज्य की जनता और वहां के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पंचायत मंत्री श्री चन्द्राकर और समस्त पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई दी और शुभकामना व्यक्त की। प्रधानमंत्री के हाथों राज्य को राष्ट्रीय ई-पंचायत पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की है और इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों सहित पंचायत मंत्री श्री चन्द्राकर तथा उनके विभाग के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।

छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर ने इस अवसर पर कहा कि, छत्तीसगढ़ नया राज्य होने के बावजूद यहां त्रि स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किये गये हैं। उन्होंने बताया कि, महिलाओं को पंचायतों में और अधिक प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से पंचायत राज संस्थाओं में महिला आरक्षण 50 प्रतिशत किया गया है। आज राज्य में 10 हजार 971 निर्वाचित त्रि स्तरीय पंचायतें कार्य कर रही है। हमारे यहां के गांवों में स्वच्छता को महत्वपूर्व घटक माना गया है। पंचायत निकायों के निर्वाचन में उम्मीदवारों की अर्हता में गांव में शौचालय बनाना अनिवार्य किया गया है। पंचायतों को अपने स्तर पर भर्ती के अधिकार दिये गये हैं। हर ग्राम पंचायतों में वाचनालय है। ग्राम पंचायतों के आगंनबाड़ी केन्द्रों में माध्यान्ह भोजन, राशन दुकानों का संचालन आदि के कार्य महिला समूहों द्वारा सफलतापूर्वक संपादित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि, राज्य के गांवों में बुनियादी सुविधाओं के समग्र विकास के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित पंाच योजनाओं का एकीकरण किया है। अब यह योजना मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के नाम से संचालित की जा रही है।   समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इनमें राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा वर्मा , जिला कोरिया जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के अध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह , जिला जशपुर ग्राम पंचायत जरिया के सरपंच संजय किशोर लकड़ा , सरगुजा ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के सरपंच उमेश मिंज , राजनांदगांव ग्राम पंचायत अर्जुनी के सरपंच  पूर्णकिशोर साहू , बस्तर ग्राम पंचायत लेण्ड्रा के सरपंच धीरथनाथ कश्यप , राजनांदगांव ग्राम पंचायत तुमड़ीबोड़ के सरपंच गौतम नेताम व ग्राम पंचायत कुंभी की सरपंच श्रीमती प्रेमा बाई साहू , जिला पंचायत राजनांदगांव की सदस्य श्रीमती विभा साहू , जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्षा श्रीमती सरिता कन्नौजे , जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्षा श्रीमती जबीता मंडावी , व जिला पंचायत बस्तर के सदस्य मनीराम कश्यप , जनपद पंचायत खैरागढ़ के अध्यक्ष विक्रांत सिंह क्षत्री , जिला पंचायत कबीरधाम के अध्यक्ष  संतोष पटेल , जनपद पंचायत कबीरधाम की अध्यक्षा श्रीमती ज्योति भुनेश्वर व जनपद पंचायत कबीरधाम के उपाध्यक्ष श्रीमती अनुसईया शिवकुमार चंद्रवंशी , बालौद जिला पंचायत के सदस्य  पुष्पेन्द्र चंद्राकर , जनपद पंचायत बालौद के अध्यक्ष  दयानंद साहू , जनपद पंचायत पामगढ़ जिला जांजगीर-चांपा के सदस्य  ललित नायक , जनपद प्ंायात पामगढ़ के सदस्य श्रीमती नीरबाई खाण्डेकर , ग्राम पंचायत गुजरा जनपद पंचायत आरंग जिला रायपुर के सरपंच संजय शर्मा व जनपद पंचायत अंबिकापुर के सदस्य  कुमार अजीत भी शामिल थे।

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