भोपाल। ओला और बारिश से प्रभावित किसानों के लिए राहतभरी खबर है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही खरीदी में 40 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं खरीदा जाएगा। केन्द्र सरकार ने राज्य की मांग पर ये विशेष राहत देने का फैसला किया है। साथ ही पतले पड़ गए गेहूं को भी दस प्रतिशत तक लिया जा सकेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने मुख्यमंत्री की हरी झण्डी मिलने के बाद देर शाम खरीदी के संशोधित मापदण्ड के आदेश जारी कर दिए हैं।
मापदंडों में बदलाव
प्रदेश में ओला और बारिश की वजह से गेहूं की चमक कम हुई और दाना पतला पड़ गया है। भारतीय खाद्य निगम ऐसे चमकविहीन गेहूं की खरीदी नहीं करता है। इसी तरह एक क्विंटल में छह प्रतिशत से ज्यादा पतला दाना होता है तो उस गेहूं को भी रिजेक्ट कर दिया जाता है। इन्हीं मापदण्डों की वजह से 25 मार्च से शुरू हुई गेहूं की खरीदी में परेशानी हो रही थी। कई खरीदी केन्द्रों से किसानों का गेहूं लौटाया जा रहा था, तो कई जगह उपार्जन केन्द्र प्रभारी के साथ झूमा-झटकी की नौबत थी।
किसानों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्र को पत्र लिखकर खरीदी के पैमाने में छूट देने की मांग की थी। केन्द्र ने भारतीय खाद्य निगम, नागरिक आपूर्ति निगम और कृषि विभाग के अध्ािकारियों का दल बनाकर प्रदेश के विभिन्न् हिस्सों से सैम्पल भी एकत्र कराए थे। सूत्रों का कहना है कि इनका परीक्षण प्रयोगशाला में करवाया गया था। इसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इसके बाद खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने प्रदेश को गेहूं खरीदी में विशेष रियायत देने का फैसला कर राज्य को अवगत कराया है।
ये होगा फायदा
अब गेहूं की चमक यदि चालीस फीसदी कम है तो भी गेहूं को खरीदा जाएगा। चमक का परीक्षण नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा भेजे गए सैम्पल के आधार पर होगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जहां ओले गिरे हैं वहां का गेहूं तो पूरा बर्बाद हो चुका है लेकिन जिस गेहूं पर पानी लगा है उसकी केवल चमक गई है। चमक भी केवल 30-35 प्रतिशत गेहूं की गई है। इस फैसले से उन किसानों का गेहूं अब समर्थन मूल्य पर बिक जाएगा, जो बारिश की वजह से कटाई के पहले और बाद में भीग गया था। साथ ही पानी लगने की वजह से जिस गेहूं के दाने पतले रह गए थे वो भी दस प्रतिशत तक प्रति क्विंटल में चल जाएंगे।
जारी हो गए आदेश:-
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने बताया कि प्रदेश के किसानों के हित में ये बड़ा फैसला है। केन्द्र सरकार से पत्र मिलते ही मुख्यमंत्री के अनुमोदन से संशोधित खरीदी आदेश जारी कर दिए हैं।
