मध्यप्रदेश आए अंग्रेज, स्वागत में झुकी सरकार

भोपाल। जी हां, वही अंग्रेज जो 1947 में भारत को छोड़कर भाग गए थे, परंतु उन्होंने भारत पर से अपना अधिकार का सपना नहीं छोड़ा। वो किसी ना किसी बहाने भारत आते ही रहते हैं। इस बार अंग्रेज सांसद मध्यप्रदेश आए। यहां मंत्री गोपाल भार्गव ने उनका स्वागत किया।

कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) के ब्रिटिश सांसद सदस्यों ने अपने स्वागत सत्कार के बाद मध्यप्रदेश की विकास उपलब्धियों की व्यापक सराहना की। प्रदेश के भ्रमण पर आये ब्रिटिश सांसदों के प्रतिनिधि-मण्डल ने आज सुबह पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव से उनके निवास पर भेंट की। उन्होंने मध्यप्रदेश में सामाजिक तथा आर्थिक क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति तथा सुदूर ग्रामीण अँचलों में तीव्र गति से हुए विकास के लिये राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी ली। ब्रिटिश सांसदों ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश में निरंतर तीसरी बार प्रदेश सरकार का सफल नेतृत्व करने को सुखद बताया। इस अवसर पर ब्रिटिश सरकार के अंतर्राष्ट्रीय विकास विभाग (डीएफआईडी) के वित्तीय सहयोग से ग्रामीण अँचलों में संचालित योजनाओं तथा कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरुणा शर्मा सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

ब्रिटिश सांसद श्री लियेम बायर्न के नेतृत्व में प्रदेश के भ्रमण पर आये इस प्रतिनिधि-मंडल में सांसद बेरोनेस ब्लेकस्टोन, सर्वश्री सायमन बर्न्स, स्टीफन हेपबर्न, बेरोनेस मंजूर, बेरोनेस नार्थ एवर, श्री वीरेन्द्र शर्मा, डॉ. राबर्टा ब्लेकमेन वुडस शामिल थे। ब्रिटिश दल ने प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिये शुरू की गई लाड़ली लक्ष्मी योजना तथा बालिका विवाह की रोकथाम के लिये संचालित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की उपलब्धियों को भी सराहा। उन्होंने सुदूर ग्रामीण अँचलों में आवागमन के लिये बारहमासी सड़कों के निर्माण, अल्ट्रा-स्मॉल बैंकों की स्थापना के जरिये हर पाँच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग की सुविधाओं की उपलब्धता तथा सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने के लिये इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी सम्पर्क सुविधाओं के विकास के प्रयासों पर भी चर्चा की। विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में मिलने वाली पेंशन और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तथा जननी सुरक्षा योजना में दी जाने वाली राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे पहुँचाने के मकसद से शुरू हुए समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन की विशेषताओं को भी उन्होंने जाना। आश्वस्त किया कि ग्रामीण विकास और सामाजिक क्षेत्र के उत्थान के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के लिये डीएफआईडी द्वारा हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जायेगी।

अपर मुख्य सचिव श्रीमती अरूणा शर्मा ने विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और त्रि-स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तिकरण से ग्रामीण जन-जीवन में आये सार्थक बदलाव के बारे में बताया। ग्रामीण अँचलों में स्वच्छता तथा पर्यावरण सुधार के लिये शुरू हुई पंच परमेश्वर योजना, ग्रामीण अँचलों को खुले में शौच की बुराई से मुक्त करने के लिये चलाये जा रहे मर्यादा अभियान तथा स्कूली बच्चों के मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम की विशेषताएँ भी बतायी। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के अंतर्राष्ट्रीय विकास विभाग (डीएफआईडी) के वित्तीय सहयोग से राज्य के आदिवासी बहुल 9 जिलों में सफलतापूर्वक संचालित हुई मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। श्रीमती अरूणा शर्मा ने प्रदेश की सभी 23 हजार 6 ग्राम पंचायत के लेखा-जोखा कार्यों को पारदर्शी बनाने के लिये तैयार किये गये पंचायत दर्पण साफ्टवेयर की विशेषताएँ बतायी। उन्होंने इस उद्देश्य से डीएफआईडी के जरिये तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाये जाने का आग्रह भी किया। सदस्यों को विभागीय योजनाओं से संबंधित मुद्रित साहित्य की प्रतियाँ भी भेंट की गई। आयुक्त-सह-संचालक वित्त श्री आशीष उपाध्याय, संचालक सामाजिक सुरक्षा मिशन श्री संकेत भोंडवे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्री एल.एम. बेलवाल सहित विभागीय अधिकारियों ने भी चर्चा में भागीदारी की।