जेल से बाहर निकलने की जुगत लगा रहीं हैं जाहिदा और सबा

भोपाल/इंदौर। शहला मसूद हत्याकांड की मुख्य षड्यंत्रकारी जाहिदा परवेज की जेल में मारपीट व सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत वाली अर्जी सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है, जबकि उसकी राजदार सहेली सबा फारुकी के समुचित इलाज नहीं होने की अर्जी पर जिला जेल अधीक्षक से टीप मांगी गई है।

मंगलवार को यहां सीबीआई की विशेष अदालत में न्यायाधीश अनुपम श्रीवास्तव के समक्ष केस की सुनवाई हुई तो कोर्ट ने जाहिदा द्वारा मारपीट व जेल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत वाली अर्जी पर जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के बाद अर्जी को निराधार माना। जबकि जेल अधीक्षक ने इस प्रकार की घटनाओं को नकारा था।

इसी तरह का आरोप सबा की ओर से भी लगाया गया था कि उसकी तिल्ली की बीमारी का समुचित इलाज नहीं होने की बात कही थी एवं जेल में मारपीट होने की बात कही थी जिस पर जेल से जांच रिपोर्ट पेश हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने सबा के इलाज को लेकर जेल अधीक्षक से सफाई मांगी।

गवाह के तौर पर सीहोर के एलआईसी एजेंट मनोज चौरसिया (42) ने कहा कि वर्ष 2006 में उसने मनीष सोनी से रिलायंस मोबाइल नंबर 9300068003 का सीडीएमए कनेक्शन का हैंडसेट खरीदा था, जिसे 6 माह इस्तेमाल करने के बाद इसरार खान को 800 रुपए में बेच दिया था। उसने साफ कहा कि वह साकिब अली उर्फ डेंजर को नहीं जानता।

उसके बाद हैंडसेट कौन इस्तेमाल कर रहा था, उसे नहीं मालूम। अब 27 अगस्त व 11- 12 सितंबर की तारीख पर गवाही व जवाब पेश होंगे। मामले में इरशाद खान, शंकरलाल, चेलानंद प्रभाकरराव के बयान के लिए उनके समंस जारी किए गए हैं।


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