राघव जी का इस्तीफा, बहुत पहले होना था

shailendra gupta
राकेश दुबे@प्रतिदिन। राघव जी, मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठतम मंत्री, कैबिनेट में नम्बर दो, वित्तीय जोड़-गणित के माहिर, लेकिन दूरदृष्टि से कमजोर| जो नहीं देख सके, सरकार ने देख लिया| सवाल यह है की अपने दोष राघव जी को आज क्या कभी भी नहीं दिखेंगे| पर, शिवराज सिंह सरकार आज क्यों जागी? अब तक चुप क्यों थी|

राघव जी के बारे में किस्से कहानी, शारीरिक क्षमता और अक्षमता के किस्से भोपाल से लेकर दिल्ली तक पिछले कई सालों से चर्चित है दिल्ली से सहारा मिल जाता था और शिवराज सिंह के लिए विदिशा में राजनीतिक जमीन तैयार करने का उपकार भारी होता था| राजकुमार दांगी की यह कथित शिकायत भी पिछले छह माह से भोपाल और दिल्ली में चर्चित थी| इसकी सीडी भी कांग्रेस खेमे में है, इसके अलावा भोपाल के पास जमीन की सौदेबाज़ी और उसमें, राघव जी का हवाला भी चर्चित था| सब चुप थे आज एकाएक क्या हो गया ?

सत्य तो सरकार जानती है या नागपुर| आज आडवाणी जी की बातचीत में मध्यप्रदेश सरकार भी एक मुद्दा है| मध्यप्रदेश सरकार की और से आरोपों की सफाई की यह पहली किश्त मालूम होती है| विधानसभा सत्र और विधानसभा चुनाव में मिसाइल का मुंह फेरने के प्रयास अधिक अभी कुछ भी नहीं है| दृष्टि का सवाल फिर खड़ा है, भोपाल दिल्ली और वहां भी|


  • लेखक श्री राकेश दुबे वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रख्यात स्तंभकार हैं। 
  • संपर्क  9425022703

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