मंदसौर(उमेश नेक्स)। मंदसौर के जिला आयुष अधिकारी इन दिनों विवादो में घिरे हुए हैं। वैसे तो उनका विवादों से रिश्ता नया नहीं है परंतु ताजा मामला एक नर्स से रिश्वत में रात मांगने का है।
पुलिस को मिली एक शिकायत के अनुसार घटना दिनांक 2 जुलाई 13 को जिला अस्पताल मंदसौर में एक मासिक बैठक हुई उसमे रिलीविंग लेटर पर हस्ताक्षर कराने ग्राम रेवास देवड़ा की दलित कम्पाउंडर (नर्स) अनिता सोलंकी डॉ.गुप्ता के पास गई डॉ.गुप्ता ने सभी रिलीविंग लेटरों पर हस्ताक्षर कर दिए किन्तु अनिता के लेटर पर हस्ताक्षर नही किये और शाम 5 बजे अनिता को आयुष विभाग में बुलाया...!
अनिता 5 बजे अपनी एक सहयोगी अलका के साथ आयुष विभाग जैसे ही अनिता पहुंची और रिलीविंग लेटर पर हस्ताक्षर करवाने के लिए कागज आगे बढाया तब डॉ.गुप्ता ने अनिता का हाथ पकड़ते हुए कहा कि एक बार हमारी बात मान लो...? अनिता डॉ.गुप्ता से अपना हाथ छुडाते हुए घबराकर बहार निकल गई उनके साथ बहार ही खड़ी अलका भी यह सब देख वह भी घबरा गई और बाद में घटना की शिकायत हरिजन थाने में कि साथ ही पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री को इस बात की शिकायत दलित वर्ग की नर्स अनिता ने की बावजूद इसके कई दिन बीत जाने के बाद भी आज तक डॉ.आर.के.गुप्ता पर कोई कार्यवाही नही हुई है।
मामले में अब तक जाँच चल रही है...!
डॉ.आर.के.गुप्ता की ताकत और पुलिस की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की पीड़िता दलित नर्स अनिता ने अपने साथ बीती घटना की शिकायत कई दिनों पूर्व की थी और आज घटना के 22 दिन बाद भी अब तक पुलिस की जाँच पूरी नही हो सकी है इस मामले की जाँच नगर पुलिस अधीक्षक श्री सी.पी.सिंह कर रहे है उनका कहना है कि इसी सप्ताह जाँच पूरी हो जायेगी मगर जाँच में डॉ.गुप्ता पर कोई आंच आएगी ये बात अब भी शंका के घेरे में है क्योंकि डॉ.आर.के.गुप्ता के तार ऊपर तक जो जुड़े है ऐसे में केसे पीड़िता को न्याय मिलेगा इस बात पर भी कई प्रश्न चिन्ह लग रहे है...?
उमेश नेक्स
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