इंदौर। चिटफंड कंपनियों के निवेशकों से जमा राशि लेकर फरार होने की घटनाओं का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने शुक्रवार को तीन चिटफंड कंपनियों के खाते और संपत्तियां सीज करने के आदेश दे दिए। इनमें कोलकाता की रोजवैली कंपनी के साथ ही, जी लाइफ और बीएनजी ग्लोबल इंडिया शामिल हैं, लेकिन भोपाल में संचालित कंपनियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रशासन को जांच में पता चला है कि बीएनजी कंपनी ने तो निवेशकों से रुपए जमा कर मप्र, छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति भी खरीदी है, इन अचल संपत्तियों को भी सीज करने के आदेश दिए गए हैं।
सात चिटफंड कंपनियों के खिलाफ जांच कर रहे अधिकारियों ने अभी तक चार कंपनियों के खाते सीज करने के आदेश दिए हैं। इससे पहले ट्यूलिप कंपनी के भी खाते सीज किए जा चुके हैं। हालांकि पुलिस द्वारा कंपनियों के खिलाफ केस नहीं बनाए जाने के कारण अभी भी कुछ कंपनियां कारोबार कर रही हैं। कार्रवाई से पहले ही बीएनपी, योडलेई जैसी कंपनियां शहर से गायब हो चुकी हैं।
रोजवैली के खाते में निवेशकों के 19 लाख रुपए
कोलकाता की मेसर्स रोजवैली होटल एंड इंटरटेनमेंट कंपनी के डायरेक्टर कोलकाता निवासी गौतम कांडू, दीपककुमार सेन, पीके गुडा, अमरिता नायक, निर्मल, शर्मिला कांडू और त्रिपुरा निवासी क्षितिशचंद्र शाह व सोमेश्वर चौधरी है। कंपनी ने नंदानगर में दफ्तर खोला है। कंपनी निवेशकों को हॉलिडे प्लान व अन्य सेवाएं देने के नाम पर जमा करवाती है। पांच गुना तक राशि लौटाने का वादा किया जा रहा है। कंपनी का कामकाज अभी भी चल रहा है। यहां काम निर्मल रुद्रपाल देखते हैं। कंपनी के एक्सिस बैंक में 19 लाख रुपए जमा हैं, जिन्हें सीज किया जा रहा है।
बीएनजी ग्लोबल के पास करोड़ों की अचल संपत्ति
बीएनजी ग्लोबल इंडिया लिमिटेड का दफ्तर आईडीए बिल्डिंग, विजयनगर में है। कंपनी साढ़े पांच साल में धन दोगुना करने का प्रलोभन देकर राशि जमा कराती है। कंपनी वादा करती है कि वह यह धन जमीन क्रय-विक्रय में लगाएगी और इसका लाभ दिया जाएगा। इसमें गुरुवेंदरसिंह जालंधर, अनिल शर्मा पुणे, सचिन डामोर बिलासपुर, आशीष गुप्ता शहडोल, मुनिंदर लिखारे छिंदवाड़ा, एचएल वैष्णव न्यू दिल्ली, आनंद निरोजमलकर न्यू दिल्ली डायरेक्टर हैं। यह बीएन गोल्ड रियल स्टेट एलाईड लिमिटेड के नाम पर संपत्ति एकत्र करती है।