भोपाल। गैस पीड़ितों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गैस राहत विभाग में 476 नई भर्तियां की जाएंगी। इसके लिए सरकार को 10 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे, जिस पर मंत्री बाबूलाल गौर ने स्वीकृति दे दी है। शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया भी प्रारंभ हो जाएंगी एवं माना जा रहा है कि चुनाव से पहले तक पोस्टिंग हो जाएंगी।
मंत्रालय से आ रही खबर के अनुसार गैस त्रासदी से पीड़ितों के लिये समुचित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाये। गैस पीड़ितों के लिये चिकित्सा, आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरण एवं पुनर्वास योजनाएँ बनाकर उन्हें क्रियान्वित किया जाये। भोपाल गैस त्रासदी एवं पुनर्वास मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने यह निर्देश आज यहाँ विभागीय बैठक में दिए। बैठक में गैस राहत विभाग में 476 नवीन पद के सृजन के लिये लगभग 10 करोड़ के व्यय पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। यह बैठक भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास विभाग को स्थायी बनाने के संबंध में आयोजित की गई थी। बैठक में वित्त मंत्री श्री राघवजी भी मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि विभाग भोपाल शहर की नगर निगम सीमा तक सीमित है। वर्तमान में शहर के 56 वार्ड में से 36 वार्ड गैस प्रभावित घोषित किये गये हैं। शेष बचे 20 वार्ड के रहवासियों द्वारा गैस के कारण स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्षति साबित करने पर उनको भी गैस पीड़ित का मुआवजा दिया गया।
भोपाल गैस त्रासदी से पड़े दीर्घकालीन दुष्प्रभाव के लिये चिकित्सा पुनर्वास के अंतर्गत 6 बड़े चिकित्सालय कमला नेहरू चिकित्सालय, जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय, खान शाकिर अली खान चिकित्सालय, इंदिरा गांधी महिला एवं बाल चिकित्सा, आर.ए.एस. पलमोनरी मेडिसिन सेंटर जहाँगीराबाद, मास्टर लालसिंह चिकित्सालय में कुल 634 बिस्तर उपलब्ध है।
विभाग के प्रमुख सचिव श्री प्रवीर कृष्ण ने कहा कि गैस पीड़ितों से संबंधित अस्पतालों में लगभग 5 लाख पीड़ित और उनके 5 लाख परिजन का उपचार किया जा रहा है। इन चिकित्सालयों के उन्नयन के लिए गैस राहत और स्वास्थ्य विभाग द्वारा तकनीकी प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
बैठक में स्वास्थ्य आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल, संस्थागत वित्त श्री अशोक शाह, उप सचिव श्री के.के. दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।