भोपाल। जी हां, कैदी फरार हुआ है, लेकिन जेल से नहीं जेलर से बंगले से। वो हत्या के प्रयास के मामले में बंदी था और जेलर साहब उससे अपने बंगले पर बेगारी करा रहे थे, तभी वो अचानक फरार हो गया।
जेलों की हालात क्या है और किस तरह की मनमानियां चल रहीं हैं इसका खुलासा तो फ्राड गांधी के यहां छापे के बाद ही हो गया था, लेकिन इसके बाद भी मनमानियों का सिलसिला थमा नहीं है। इसी के चलते एक कैदी जेल से नहीं बल्कि जेलर से बंगले से फरार हो गया।
मामला दमोह जिले की हटा जेल का है। यहां हरिराम पुत्र परमलाल धारा 307 के मामले में अगस्त माह से बंदी था। शुक्रवार की शाम जब जेलर अश्विनी कुमार शुक्ला उससे अपने बंगले पर बेगारी करा रहे थे तभी वह मौका देखकर फरार हो गया।
जेल प्रशासन ने इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश की और योजना बनाई गई कि उसे जेल से फरार बताया जाए, परंतु मामला दबाया नहीं जा सका और आमचर्चा में आ गया। रात 12 बजे तक पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया था। देर रात यह मामला दर्ज किया गया।
