गंगाजल से दलितों का अपमान कैसे हुआ नंदकुमार, साबित करो: अमित तावरे

Tuesday, July 25, 2017

भोपाल। अशोकनगर ट्रामा सेंटर लोकार्पण कांड में कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से पवित्र करवाने का बयान देने वाले कांग्रेस के निष्कासित दलित नेता अमित तावरे ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान पर उनकी राजनैतिक हत्या करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया है कि वो साबित करें कि किसी पूजास्थल को गंगाजल से पवित्र करवाने पर दलितों का अपमान कैसे होता है। अमित ने कहा कि मैं खुद दलित हूं और हिंदू मान्यताओं में आस्था रखता हूं। क्या नंदकुमार सिंह दलितों को हिन्दुओं से अलग मानते हैं। 

अमित तावरे ने कहा कि 21 जुलाई को अशोकनगर के जिला अस्पताल में भाजपा नेताओं द्वारा ट्रामा सेंटर का उद्घाटन किए जाने के बाद मैंने ट्रामा सेंटर को गंगा जल से धुलवाकर दोबारा से उसका उद्घाटन हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से कराए जाने का बयान मीडिया में दिया था। प्रदेश अध्यक्ष श्री नंद कुमार सिंह चौहान समेत भाजपा के तमाम अन्य नेताओं ने मेरे उस बयान को दलित विरोधी बताते हुए प्रदेश भर में जाति और वर्ग आधारित राजनीति कर वर्ग विशेष की भावनाओं को भड़काने का कार्य किया है। 

साबित कर दिया तो गंगा में समाधि ले लूंगा 
मुझ जैसे एक दलित के सामान्य से वक्तव्य कों दलित विरोधी बताते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कैसे मेरी राजनैतिक और सामाजिक हत्या की है। साथ ही मैं सभी भाजपा नेताओं से भी कहना चाहता हूं, कि वे मेरे बयान को दलित विरोधी साबित कर दें, तो मैं गंगा मैया में समाधि ले लूंगा, क्योंकि उनकी वास्तविक मंशा दलित राजनीति के नाम पर एक दलित की हत्या की ही है, वैसे भी जाति और वर्ग पर आधारित गंदी राजनीति के जरिये वे मेरे सामाजिक जीवन की हत्या कर चुके हैं। 

कृपा कर निम्न बिंदुओं पर विचार करें
मैं अमित तावरे दलित समुदाय से आता हूँ, इसलिए मेरे द्वारा गंगा जल के इस्तेमाल की बात श्री नंद कुमार सिंह चौहान एवं श्री जयभान सिंह पवैया जैसे कुछ नेताओं को रास नहीं आई, इसका का ही नतीजा रहा कि भाजपा नेताओं ने झूठ के सहारे एक दलित की बात को ही दलित विरोधी करार दे दिया। भाजपा द्वारा किया गया ट्रामा सेंटर के लोकार्पण का कृत्य मेरी व्यक्तिगत सोच के अनुसार असंवैधानिक था, क्योंकि कांग्रेस की जिला इकाई ने जैसे ही सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ट्रामा सेंटर के उद्घाटन का कार्यक्रम जारी किया, उसके बाद भाजपा नेताओं ने संसदीय गरिमा का मजाक बनाते हुए आनन-फानन में ट्रामा सेंटर का उद्घाटन किया। 

अगर भाजपा जन चाहते तो सांसद श्री सिंधिया जी के साथ ही ट्रामा सेंटर का लोकर्पण कर सकते थे। सांसद सिंधिया द्वारा किये गए उद्घाटन के दौरान जो शिलालेख लगाया गया, उसमें सांसद श्री सिंधिया के साथ भाजपा से क्षेत्रीय विधायक श्री गोपीलाल जाटव एवं जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती बाई साहब यादव का नाम भी है, जो की संसदीय गरिमा के अनुरूप है।  

हिन्दू मान्यताओं को मानने वाला प्रत्येक सामान्य व्यक्ति किसी भी शुभकार्य के पहले उस स्थान को गंगा जल से पवित्र करता है लेकिन भाजपा नहीं चाहती कि गंगा जी मे आस्था रखने वाले हम जैसे दलित हिंदुत्व की धारा से जुड़े रह सके। इसलिए ही भाजपा नेताओं ने मेरे साधारण बयान को दलित विरोधी साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। मैंने अपने बयान में किसी व्यक्ति विशेष के नाम का उल्लेख नहीं किया, भाजपा द्वारा किये गये कार्यक्रम में सभी जाति एवं वर्ग के लोग थे, फिर मेरा (एक दलित का) बयान दलित विरोधी कैसे हुआ। 

अमित ने कहा कि भाजपा में अगड़ी जातियों के कुछ नेता चाहते ही नहीं है कि हम जैसे दलित अपनी जबान से गंगा जी के नाम का उपयोग करें, इसलिए उन्होंने मेरे बयान को सुने बिना ही दलित विरोधी साबित कर दिया। मैं आप सबसे पूछना चाहता हूं कि जब भाजपा नेता योगी श्री आदित्य नाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने सीएम हाउस में पूजन के लिए गंगा जल का इस्तेमाल क्यों किया, क्या वे भी दलित विरोधी है। 

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