प्राइवेट स्कूल मान्यता के लिए 1 एकड़ जमीन जरूरी नहीं: शिवराज सिंह चौहान

Friday, July 28, 2017

भोपाल। प्रदेश के निजी स्कूलों को अब मान्यता के लिये एक एकड़ जमीन के स्वामित्व का बंधन नहीं होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ अपने निवास पर मिलने आये निजी स्कूलों के संचालकों के प्रतिनिधि-मंडल से चर्चा करते हुए यह घोषणा की। उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिये थे। श्री चौहान ने निजी स्कूल के संचालकों और प्रबंधकों से कहा कि वे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान लगायें। 

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है। शिक्षा दान सबसे पवित्र कार्य है। इसे पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ पूरा करें। बच्चों का भविष्य बनाने में सरकार का सहयोग करें। निजी स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि एक एकड़ जमीन का नियम शहरों के लिये व्यवहारिक नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि-मंडल से अन्य विषयों पर भी चर्चा की।

एनजीटी का दो-दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन
सुनीता दुबे/भोपाल। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की मध्य क्षेत्रीय बैंच, भोपाल द्वारा 29-30 जुलाई को भोपाल में दो-दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में होने वाले सम्मेलन में राज्य पर्यावरण पुरस्कार भी दिये जायेंगे। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंतर कुमार, मध्य क्षेत्र के सदस्य जस्टिस दलीप कुमार सहित मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, न्यायिक सदस्य, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और विषय-विशेषज्ञ सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन में 'नदी एवं जैव-विविधता संरक्षण'', 'जलीय क्षेत्रों का संरक्षण'' तथा 'प्रदूषण और सतत विकास'' पर तकनीकी सत्र होंगे। नदी एवं जैव-विविधता संरक्षण सत्र में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, पद्मभूषण श्री एच.एस. पवार, अपर मुख्य सचिव श्री दीपक खांडेकर, मध्यप्रदेश जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री आर. श्रीनिवास मूर्ति और एडमिन स्टॉफ कॉलेज, हैदराबाद के अपर संचालक श्री अचलेन्द्रन रेड्डी भाग लेंगे।

जलीय क्षेत्रों का संरक्षण सत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय के जस्टिस पी.एस. भाटी, राजस्थान के अपर मुख्य सचिव श्री एन.सी. गोयल, राजस्थान नदी-कछार प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राम वेदिरे और राजस्थान के ही अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. डी.एन. पाण्डे मौजूद रहेंगे। प्रदूषण और सतत विकास सत्र में पश्चिम क्षेत्र बैंच, पुणे के सदस्य जस्टिस यू.डी. साल्वी, दक्षिण क्षेत्रीय बैंच, चैन्नई के विशेषज्ञ सदस्य श्री पी.एस. राव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन सिंह और छत्तीसगढ़ पर्यावरण एवं आवास सचिव श्री संजय शुक्ला भाग लेंगे। तीनों ही सत्रों के बाद 20-20 मिनट की खुली परिचर्चा भी होगी। समापन समारोह के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस ए.के. सीकरी और विशिष्ट अतिथि जस्टिस अरुण मिश्रा होंगे।

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