BJP विधायक ने पुलिसकर्मी का डंडा छीना और शराब विक्रेता पर पिल पड़े

Wednesday, May 10, 2017

भोपाल। मध्यप्रदेश में शराब को लेकर अजीब दृश्य सामने आ रहे हैं। एक तरफ शिवराज सिंह सरकार लोगों को शराब दुकान के लाइसेंस दे रही है और दूसरी ओर भाजपा के विधायक दुकानों को तुड़वा रहे हैं। सागर में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया सरासर गुंडागर्दी पर उतर आए। उन्होंने पुलिसकर्मी से डंडा छीना और शराब कारोबारी के कर्मचारियों की ओर लपके, फिर दुकान में घुस गए और तोड़फोड़ करने लगे। सिंघम बने विधायक से प्रेरित होकर महिलाओं ने भी लाठियां उठा लीं। पथराव किया, तोड़फोड़ हुई। सारे तमाशे के दौरान पुलिस मौजूद रही लेकिन किसी को रोकने की हिम्मत नहीं कर पाई। 

पदमाकर थाना अंतर्गत शराब दुकान का विरोध कर रहे लोगों तथा शराब ठेकेदार के लोगों के बीच उस वक्त विवाद हो गया, जब दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के सामने आ गये। इस दौरान शराब दुकान का विरोध कर रहे लोगों पर ठेकेदार के लोगों ने पथराव कर दिया। जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। 

विवाद की खबर सुन भाजापा से नरयावली विधायक प्रदीप लारिया भी मौके पर पहुंच गए तथा स्वयं पुलिसवालों का डंडा छीनकर कानून अपने हाथों में लेते हुए ठेकेदार के लोगों को मारने के लिए आगे बढ़े तथा शराब दुकान के परिसर में जाकर वहां का सामान फेंकने लगे। विधायक के इस रवैये से उत्साहित महिलाओं ने हाथों में डंडे लेकर चक्काजाम कर दिया। जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

विधायक का कहना है कि इस हंगामे के दौरान एक-दो महिलाएं भी घायल हुई हैं। मुझे भी पत्थर लगा है। मैने पहले भी कहा था, शराब की दुकान के लिए ऐसा स्थान तय किया जाय, जहां लोगों को कोई दिक्कत न हो। आतंक के दम पर हम कलारी खोलने को बर्दास्त नहीं करेंगे। इस मामले में पुलिस का कहना है कि इस मामले में शराब दुकान के ठेकेदार के लोगों पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

विधायक ने क्या गलत किया
विधायक इस तरह सोशल पुलिसिंग नहीं कर सकते। यदि वो इस तरह कानून तोड़ते हैं तो इसे आम आदमी के कानून तोड़ने से ज्यादा गंभीर अपराध माना जाएगा क्योंकि कानून बनाना और उसका पालन कराना भी जनप्रतिनिधियों का ही काम है। रही बात शराब की तो उनकी अपनी सरकार दुकानों के लाइसेंस बांट रही है। यदि उन्हे आपत्ति है तो सीएम से बात करें और दुकान हटवा दें। इस तरह हाथ में डंडा लेकर जनता को भड़काना लोकतंत्र में उचित नहीं कहा जा सकता। आज एक गलत व्यक्ति पर हाथ उठाया जा रहा है, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो विधायक बेलमाग हो जाएगा और कल किसी निर्दोष को भी डंडो से पीटने लगेगा। 

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं

Trending

Popular News This Week