भारत में LIFE INSURANCE योजनाएं कितने तरह की होतीं हैं, यहां पढ़िए

Wednesday, April 12, 2017

नई दिल्ली। अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) का चयन काफी बेहतर रहता है। देश में काफी सारे लोग जीवन बीमा कराते हैं लेकिन उनमें से अधिकांश को यह पता ही नहीं होता है कि जीवन बीमा कितने तरह का होता है। हम आपको बता दें कि जीवन बीमार कितने तरह के होते हैं, ताकि आप अपने लिए वही चुनें जो आपके लिए बेहतर हो। 

क्या है जीवन बीमा:
जीवन बीमा ऐसा अनुबंध है, जो उन घटनाओं के घटने पर, जिनके लिए बीमित व्यक्ति का बीमा किया जाता है, एक खास रकम अदा करने का वादा करता है। कुल मिला कर जीवन बीमा मृत्यु की वजह से पैदा होने वाली समस्याओं का एक आंशिक समाधान है।
लाइफ इंश्योरेंस दो तरीके का होता है-

टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी-
यह इंश्योरेंस का सबसे सस्ता और आसान रुप होता है, जिसमें एक विशेष अवधि के लिए आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाती है। यह अवधि 15 से 20 साल हो सकती है। टर्म इंश्योरेंस सुनिश्चित करता है कि आपके न रहने पर आपके परिवार को एकमुश्त राशि मिल जाएगी। वहीं अगर बीमाधारक को पॉलिसी के दौरान कुछ भी नहीं होता है, तो किसी को भी कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। इसका प्रीमियम अन्य पॉलिसियों से भी सस्ता होता है।

होल लाइफ पॉलिसी
यह इन्श्योरेंस और इन्वेस्टमेंट का दोहरा लाभ प्रदान करता है। होल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पूरे जीवन के लिए या 100 वर्ष की उम्र तक के लिए इंश्योरेंस कवर प्रदान करता है। इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनी सम एश्योर्ड (एकमुश्त राशि) पर बोनस भी कैलकुलेट करती है, यह राशि बीमाधारक के न रहने पर बीमाधारक के नॉमिनी को दी जाती है।

मनी बैक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी
इस पॉलिसी के अंतर्गत बीमा कंपनियां बीमाधारक को समय समय पर कुछ राशि वापस भी करती रहती है। यह क्रम तब तक जारी रहता है जब तक पॉलिसी चलती रहती है। वहीं बीमा धारक की मृत्यु हो जाने पर एकमुश्त राशि उनके परिजनों को दे दी जाती है।

इनडॉवमेंट पालिसी
यह आपको इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट दोनों का लाभ प्रदान करता है। यानि जोखिम से सुरक्षा देने के साथ साथ यह वित्तीय बचत का एक उत्पाद है। बीमाधारक के प्रीमियम को दो हिस्सों मे बांट दिया जाता है। प्रीमियम का एक हिस्सा एक मुश्त राशि के रुप में देने के एवज में सुरक्षित कर लिया जाता है। जबकि दूसरे हिस्से का मार्केट के टूल्स जैसे कि इक्विटी और डेट में निवेश किया जाता है।

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप)
यूलिप में प्रीमियम का एक हिस्सा बीमाधारक को लाइफ कवर उपलब्ध कराने के मद में निवेश हो जाता है, जबकि बाकी बचा हुआ हिस्सा इक्विटी और डेब्ट में निवेश कर दिया जाता है। यूलिप में निवेश से आपमें एक नियमित सेविंग की आदत पड़ जाती है जो कि आपकी पूंजी बढ़ाने में मददगार होती है।

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