लड़कियों का परीक्षा केंद्र 5 किलोमीटर के भीतर हो: HIGH COURT

Thursday, March 9, 2017

इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने यूपी बोर्ड से लड़कियों का सेंटर 15-16 किलोमीटर दूर भेजने के निर्णय पर जवाब मांगा है। साथ ही साथ याचीगण का सेंटर स्कूल से 16 किलोमीटर दूर भेजने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि सेंटर निर्धारण में 13 अक्टूबर 16 के शासनादेश के अनुसार निर्णय लिया जाए। पुष्पा देवी और नौ अन्य छात्राओं की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दिया है।

याचिका में कहा गया है कि 13 अक्टूबर 2016 के शासनादेश में कहा गया है कि लड़कियों का परीक्षा केन्द्र या तो उनके कॉलेज में रखा जाएगा या फिर 5 किलोमीटर की सीमा के भीतर रहेगा। इसका उल्लंघन कर यूपी बोर्ड ने 15-16 किलोमीटर दूर सेंटर दे दिया है। कोर्ट ने यूपी बोर्ड से 4 सप्ताह में जवाब मांगते हुए याचीगण का केन्द्र शासनादेश के अनुसार निर्धारित करने का निर्देश दिया।

वाराणसी राजघाट पुल भगदड़ में मौत का मामला
बाबा जयगुरुदेव के शिष्य पंकज यादव के विगत वर्ष वाराणसी में हुए समागम के दौरान राजघाट पुल पर हुई भगदड़ में मौत मामले की जांच सीबीआई से करने की मांग में याचिका दाखिल की गयी है। नीरज कुमार की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशंवत वर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से दर्ज प्राथमिकी की विवेचना की प्रगति की जानकारी मांगी है। याचिका की सुनवाई कल 8 मार्च को होगी।

याची का कहना है कि पंकज बाबा ने समागम में तीन हजार लोगों के शामिल होने की सूचना देते हुए जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त की, लेक‍िन समागम में लाखों की संख्या में उमड़ी भीड़ एवं प्रशासनिक लापरवाही के चलते राजघाट पुल पर भगदड़ में कई लोगों की दब कर मौत हो गयी जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। याचिका में जिला प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और पुलिस पर सरकारी दबाव में निष्पक्ष विवेचना न करने का आरोप भी लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

UPSIDC भूमि आवंटन घोटाले की जांच सीबीआई से मांग में याचिका
इलाहाबाद हाईकोर्ट में यूपी राज्य औद्योगिक विकास निगम की संडील औद्योगिक क्षेत्र हरदोई में भूमि आवंटन घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग में जनहित याचिका दाखिल की गयी है। कृष्ण प्रताप कौशिक की जनहित याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ कर रही है। याची का कहना है कि भूमि का सरकार द्वारा मूल्य निर्धारण किए बगैर मनमाने तौर पर वरूण बाटलिंग प्लांट एंव श्री गंगा डिस्टिलरीज के नाम जमीन का आवंटन कर दिया गया। करोड़ों रुपए की राजस्व की हानि की गई। अधिकारियों ने लोक सम्पत्ति की लूट की है।
याची का कहना है कि निगम में दागी अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। कमेटी में निचले स्तर के अधिकारियों को रखकर भूमि आवंटन कराया गया है। इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंड‍ित किया जाए। निगम की तरफ से याचिका को आधारहीन बताया गया है।

नोएडा में लीज बैंक पॉलिसी उल्लंघन की जांच का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में लीज बैंक पालिसी की अनदेखी कर हुए घपले की राज्य सरकार को दो माह में जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पटवारी गांव की श्रीमती कमन व अन्य किसानों की याचिका को निस्तारित कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थवर्मा की खंडपीठ ने दिया है। राज्य सरकार की तरफ से अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह ने पक्ष रखा। इनका कहना था कि कोर्ट के निर्देश पर सरकार शिकायतों की जांच कर रही है। इस पर कोर्ट ने दो माह में जांच पूरी करने का आदेश दिया है।

8 साल तक मुकदमा सुनवाई के लिए पेश न करने पर निबंधक कार्यालय से रिपोर्ट तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दाखिले से आठ साल तक मुकदमे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध न करने का महानिबंधक कार्यालय से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अपीलार्थी के अधिवक्ता एसएस मिश्र पर 8 सालों तक मुकदमे को सूचीबद्ध करने की अर्जी न दाखिल करने के लिए ढाई हजार का हर्जाना जमा करने का निर्देश दिया है। अपील की सुनवाई बीस मार्च को हेागी। यह आदेश न्यायमूर्ति केजे ठाकर ने श्रीमती प्रेमकली व अन्य की प्रथम अपील फ्रार्म आर्डर पर पेश लिस्टिंग अर्जी पर दिया है। यह अपील सरदार दर्शन सिंह व अन्य ने दाखिल की है। 2009 में दाखिल अपील पर दो फरवरी 17 को सूचीबद्ध करने की अर्जी दाखिल की गयी। कोर्ट ने आठ सालों तक कुछ न करने पर एक हजार रुपए प्रतिवर्ष कुल 8 सालों का आठ हजार रूपये अधिवक्ता पर हर्जाना लगाया और महानिबंधक कार्यालय से भी रिपोर्ट मांगी है।

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