वाॅट्सएप ग्रुप एडमिशन एवं सदस्यों के लिए मप्र पुलिस के दिशा निर्देश

Tuesday, August 9, 2016

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भोपाल। अब वाॅट्सएप ग्रुप में किसी को उसकी बिना मंजूरी के जोड़ना या हटाना आसान नहीं होगा। ग्रुप में जोड़ने से पहले एडमिन को संबंधित से अनुमति लेनी होगी। यही नहीं, बिना सूचना के किसी को ग्रुप से हटाया गया तो वह पुलिस में एडमिन के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज करा सकता है।

प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को हाल ही में पुलिस मुख्यालय से आदेश दिए गए हैं कि वाॅट्सएप ग्रुप चलाने वालों की हर गतिविधि पर निगरानी रखें। इन्हीं में तमाम नए नियम-कायदों के बारे में बताया गया है।

होशंगाबाद सिटी कोतवाली टीआई महेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक वाॅट्सएप ग्रुप के सदस्य को बिना कारण हटाया गया है तो वह सदस्य पुलिस के पास लिखित शिकायत कर सकता है। ग्रुप एडमिन यदि किसी यदि व्यक्ति को अपने ग्रुप में जोड़ना चाहता है तो पहले उसे संदेश भेजकर अनुमति लेनी होगी। इसी तरह ग्रुप के किसी सदस्य की पोस्ट पर आपत्ति है और एडमिन उसे हटाना चाहता है तो पहले उस सदस्य को चेतावनी दी जाए। फिर उसे हटाया जा सकता है।

वरिष्ठ अधिवक्ता पारस जैन के मुताबिक थाने से आवेदन पर रिसीविंग दी जाएगी, जिसकी कॉपी के आधार पर यूजर मानहानि दावा की धारा 500 के तहत याचिका लगा सकेगा। होशंगाबाद एसपी एपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय से ऐसे निर्देश मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, साइबर क्राइम को रोकने के लिए मुख्यालय से आदेश मिले हैं। ग्रुपों में गड़बड़ी मिलने के बाद सीधे तौर पर ग्रुप एडमिन पर कार्रवाई की जाएगी।
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