भोपाल, 3 नवंबर 2026: फेस्टिवल सीजन चल रहा है और शहर की सड़कों की हालत तो आपको पता ही है। ऐसी स्थिति में 4 नवंबर को भोपाल में हैवी ट्रैफिक होने वाला है। आसपास के शहरों से लगभग 1500 बसें और 2000 से ज्यादा चार पहिए वाहन आने वाले हैं। ऐसी स्थिति में, ट्रैफिक से बचने के लिए यह जानकारी ध्यान से पढ़ें और अपने सभी परिचित जो भोपाल में रहते हैं, तत्काल बता देंगे:-
सुबह के समय टीटी नगर से अटल पथ तक भारी ट्रैफिक रहेगा
भोपाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में सुबह 10 बजे टीटी नगर के अटल पथ पर सभा होगी। इसके बाद पदयात्रा न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक निकाली जाएगी। यातायात पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में 40 से 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। भाजपा ने करीब एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया है।
नर्मदापुरम रोड पर सुबह से शाम तक हैवी ट्रैफिक रहेगा
कार्यक्रम में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसके चलते शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। सुबह 8 बजे से भदभदा चौराहा, भारत माता चौराहा, जवाहर चौक, माता मंदिर, रोशनपुरा, लिंक रोड-1 और पॉलिटेक्निक चौराहे के आसपास यातायात का दबाव बढ़ सकता है।
बच्चों को स्कूल भेजना है या नहीं?
जिला शिक्षा अधिकारी ने 3 नवंबर को जारी आदेश में जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विद्यालय की स्थिति, विद्यार्थियों के आने-जाने के रास्तों और बसों के संचालन का आकलन करें।इसके आधार पर 4 नवंबर को स्कूल के समय में बदलाव या संचालन के संबंध में आवश्यक निर्णय लें, ताकि विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी न हो। स्कूल प्रबंधन को अपने निर्णय की जानकारी अभिभावकों, विद्यार्थियों और वाहन संचालकों को देने के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भी अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल ट्रेफिक पुलिस की एडवाइस
यातायात पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में 40 से 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। भाजपा ने करीब एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया है। इसके लिए लगभग 1200 बसों और 2 हजार चार पहिया वाहनों के भोपाल आने की संभावना है। सुबह 8 बजे से भदभदा चौराहा, भारत माता चौराहा, जवाहर चौक, माता मंदिर, रोशनपुरा, लिंक रोड-1 और पॉलिटेक्निक चौराहे के आसपास यातायात का दबाव बढ़ सकता है।ऐसे में इन मार्गों या आसपास के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के विद्यार्थियों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। स्कूल प्रबंधन को विशेष रूप से बसों के रूट, विद्यार्थियों के पहुंचने के समय और सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखकर निर्णय लेने को कहा गया है। रिपोर्ट: आनंद बंदेवार।

