भोपाल, 6 अक्टूबर 2026: फोटो में जो दिखाई दे रहा है वह कोई जंगल या दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र नहीं है, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सड़क है। इस रोड से सूर्यास्त के बाद, बिल्कुल इसी स्थिति में, हर रोज हजारों महिलाओं और लड़कियों को निकालना पड़ता है। जान का खतरा होता है लेकिन कोई विकल्प भी नहीं है। नगर निगम के वार्ड कार्यालय वाले कहते हैं सीएम हेल्पलाइन लगाओ। पिछले 6 साल से लोग सीएम हेल्पलाइन लग रहे हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं। मतलब लोगों को यह भी नहीं पता कि इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए किस डिपार्टमेंट में जाना है। रिशिपुरम की स्वाति सोनी ने महिलाओं के दर्द को शब्द दिए हैं, हम उनके द्वारा भोपाल समाचार को लिखे गए ईमेल को शब्दश: प्रकाशित कर रहे हैं। पढ़िए....
साकेत नगर खत्म होते ही सड़क पर अंधेरा हो जाता है
महोदय, वार्ड नं 60, जोन 14 प्रगति नगर बरखेड़ा पठानी- अवधपुरी क्षेत्र जंहा लगभग 2 लाख लोगों की आबादी रहती है। DRM ऑफिस से प्रगति नगर, ऋषिपुरम, आधारशिला व अवधपुरी थाना मार्ग जो कि राजधानी शहर के बीचों बीच स्थित क्षेत्र है, जिसमे कंही भी बिजली खम्बो पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। इस मार्ग से रोजाना लाखो जनता अपने कार्य के लिए, Aiims हॉस्पिटल, स्कूल कॉलेज के लिए प्रवास करते है। जिनमे महिलाएँ, पुरुष के आलावा बड़ी तादाद में बच्चे भी होते हैं, किन्तु इस मार्ग पर साकेत नगर ख़तम होते ही अवधपूरी थाना तक व प्रगति नगर - पिपलानी मार्ग पर कोई स्ट्रीट लाइट नही है।
यहां से गुजरो तो दहशत बनी रहती है
महोदय इतनी महत्वपूर्ण रोड होने के बावजूद बड़ी चिंता की बात है। आये दिन BHEL के खंडहर क्वार्टर व बीच जंगल से कई सारे शरारती तत्व लूटपाट के इरादे से रोड पर आते हैं और राह चलते नागरिकों एवं महिलाओं को हमेशा डर का भाव तैयार करते है। इस मार्ग पर रात में अँधेरा होने पर हमेशा भय का वातावरण होता है और राजधानी में शहर के बीच एरिया में स्ट्रीट लाइट ना होना भी शहर की छवी के लिए ठीक नहीं है, जनता भी भय ग्रस्त होती है।
नगर निगम वाले कहते हैं सीएम हेल्पलाइन लगाओ
नगर निगम वार्ड कार्यालय में कहने पर बोला जाता है कि CM हेल्पलाइन पर सम्पर्क किया जाए क्योंकि यह रोड PWD ने बनाई है। बिना लाइट्स के, वार्ड कार्यालय कहता है प्रपोजल मुख्य अधिकारी को दिया गया है। CM हेल्प लाइन पर 2020 से अब तक ना जाने कितने बार शिकायत की गई किन्तु अधिकारि अपना पल्ला झाड़ते हुए कानूनी हवाला देते हुए फाइल को किसी और डिपार्टमेंट का कार्य बता कर क्लोज कर देते हैं।
महोदय कोई भी विकास कार्य अधूरा रखने से जनता की परेशानी कम नहीं होती अपितु कॉन्ट्रैक्टर्स व अधिकारियो की ही जेब भारी होती है। आप से अनुरोध है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए व आवश्यक कदम उठाया जाए, ऐसा अनुरोध। स्वाति सोनी (160 प्रगति नगर बी ऋषिपुरम फेज 1, बरखेड़ा भोपाल)

