भोपाल, 4 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के निजी विद्यालयों के संचालन को लेकर सख्त और नई गाइडलाइन जारी की है। इस नई नीति के तहत अब निजी स्कूलों को अपनी मान्यता या उसके नवीनीकरण (Renewal) के लिए छात्र संख्या के आधार पर सिक्योरिटी डिपॉजिट (सुरक्षा निधि) जमा करनी होगी। सरकार की इन शर्तों का पालन न करने वाले स्कूलों पर ₹2 लाख तक का जुर्माना लगाने और उनकी मान्यता निरस्त करने तक का प्रावधान किया गया है।
बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों पर जोर
स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी हाईस्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना, मान्यता, नवीनीकरण, संकाय वृद्धि, माध्यम परिवर्तन, और नाम या स्थान परिवर्तन से संबंधित नियम तय कर दिए हैं। स्कूलों के लिए अब इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी, योग्य शिक्षक व्यवस्था, आईसीटी (ICT), प्रयोगशाला, पुस्तकालय और सुरक्षा निधि जैसे प्रावधानों को अनिवार्य बनाया गया है।
राज्य स्तर पर बनेगी 'मान्यता समिति'
नई व्यवस्था के तहत राज्य स्तर पर एक राज्य मान्यता समिति का गठन किया जाएगा। कम से कम तीन सदस्यों वाली इस समिति में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त और माध्यमिक शिक्षा मंडल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति निजी विद्यालयों की मान्यता और नीतिगत दिशा-निर्देशों पर निर्णय लेने का कार्य करेगी।
आवेदन की प्रक्रिया और समय सीमा
ऑनलाइन आवेदन: विद्यालयों को मान्यता या नवीनीकरण के लिए तय दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
अंतिम तिथि: हर साल 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदनों पर उसी शैक्षणिक सत्र के लिए विचार किया जाएगा। इसके बाद आने वाले आवेदन अगले सत्र के लिए मान्य होंगे।
निर्णय की अवधि: आवेदन मिलने के बाद अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लेना होगा। यदि आवेदन अधूरा है, तो 15 दिनों के भीतर इसकी सूचना दी जाएगी और आवेदक को तय समय में सुधार करना होगा।
जुर्माना और मान्यता रद्द करने के कड़े नियम
यदि कोई विद्यालय मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसकी मान्यता निलंबित या निरस्त की जा सकेगी। विभाग द्वारा पहले 'कारण बताओ नोटिस' देकर सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर उल्लंघन के मामलों में राज्य मान्यता समिति की अनुमति से मान्यता पूरी तरह समाप्त की जा सकती है। इसके अलावा, बिना नई मान्यता प्राप्त किए विद्यालय कोई भी नई शाखा संचालित नहीं कर सकेंगे।
अपील का अधिकार
यदि किसी संस्था का आवेदन अस्वीकार होता है या मान्यता रद्द की जाती है, तो वह 30 दिनों के भीतर लोक शिक्षण आयुक्त के समक्ष अपील कर सकती है। इसके बाद भी असंतुष्ट होने पर राज्य मान्यता समिति में दूसरी अपील का प्रावधान है। प्रत्येक अपील के लिए ₹5,000 का शुल्क देना होगा।

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