भोपाल, 17 अगस्त 2026: चीफ मिनिस्टर डॉ. मोहन यादव ने 17 अगस्त को नई दिल्ली में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (NICDIT) की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की थर्ड मीटिंग में पार्टिसिपेट किया। इस मीटिंग में यूनियन फाइनेंस एंड कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्टर निर्मला सीतारमण, यूनियन कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल, NITI आयोग के वाइस-चेयरमैन अशोक कुमार लाहिरी सहित विभिन्न स्टेट्स के चीफ मिनिस्टर्स, इंडस्ट्री मिनिस्टर्स और सीनियर ऑफिशियल्स प्रेजेंट थे।
इन्वेस्टमेंट के लिए फेवरेबल एनवायरमेंट
मीडिया से डिस्कशन करते हुए चीफ मिनिस्टर ने सभी यूनियन मिनिस्टर्स और सीनियर ऑफिशियल्स के प्रति ग्रेटीट्यूड व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राइम मिनिस्टर नरेन्द्र मोदी के लीडरशिप में देश में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को नई डायरेक्शन मिली है और मध्यप्रदेश भी इस डायरेक्शन में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इंडस्ट्री एवं इन्वेस्टमेंट के सेक्टर में मध्यप्रदेश ने बहुत अच्छा काम किया है। स्टेट में इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर एनवायरमेंट तैयार किया गया है और गवर्नमेंट ने इंडस्ट्री वर्ल्ड का ट्रस्ट जीतने में सक्सेस प्राप्त की है। यही ट्रस्ट आज बड़ी संख्या में इन्वेस्टर्स को मध्यप्रदेश की ओर अट्रैक्ट कर रहा है। स्टेट गवर्नमेंट का प्रयास है कि इन्वेस्टर्स को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मूथ प्रोसेसेस और फेवरेबल एनवायरमेंट अवेलेबल हो, जिससे इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स तेज़ी से ग्राउंड पर उतरें।
PM MITRA पार्क से इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को मिलेगी नई मोमेंटम
चीफ मिनिस्टर ने कहा कि मध्यप्रदेश में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट की डायरेक्शन में कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रपोजल्स सामने आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से PM MITRA पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अचीवमेंट है। इससे स्टेट में टेक्सटाइल सेक्टर को नई मोमेंटम मिलने के साथ फार्मर्स, यूथ और इंडस्ट्रीज के लिए व्यापक अपोर्चुनिटीज क्रिएट होंगी। मध्यप्रदेश में इंडस्ट्रीज के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, लैंड अवेलेबिलिटी, स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स और इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली पॉलिसीज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
GIS के इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स को ग्राउंड पर उतारने पर ज़ोर
चीफ मिनिस्टर ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में प्राप्त इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स में से लगभग 30 प्रतिशत प्रपोजल्स को ग्राउंड पर उतारने की डायरेक्शन में मध्यप्रदेश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह अचीवमेंट स्टेट की पॉलिसीज और गवर्नमेंट की मेथोडोलॉजी में इन्वेस्टर्स के बढ़ते ट्रस्ट का प्रूफ है। गवर्नमेंट इंडस्ट्रीज के लिए प्रोसीजर्स को सिंपल बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने और इन्वेस्टर्स को आवश्यक फैसिलिटीज प्रोवाइड करने के लिए कंटीन्यूअसली वर्क कर रही है।
MP के हर सेक्टर में इन्वेस्टमेंट की व्यापक पोटेंशियल चीफ मिनिस्टर ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, एग्रीकल्चर-बेस्ड इंडस्ट्री और MSME सहित अनेक सेक्टर्स में इन्वेस्टमेंट की व्यापक पोटेंशियल है। गवर्नमेंट का गोल है कि स्टेट में आने वाला इन्वेस्टमेंट केवल कैपिटल फॉर्मेशन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उससे लोकल लेवल पर एम्प्लॉयमेंट, स्किल डेवलपमेंट और इकोनॉमिक एक्टिविटीज का भी एक्सपेंशन हो। मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट, इंडस्ट्री और एम्प्लॉयमेंट के सेक्टर में देश के लीडिंग स्टेट्स में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए कमिटेड है। रिपोर्ट: आलोक शर्मा।

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