MP Cabinet Meeting Official Report 18 aug 2026 - मध्य प्रदेश कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन

Updesh Awasthee
भोपाल, 18 अगस्त 2026:
चीफ मिनिस्टर डॉ. मोहन यादव की चेयरमैनशिप में कैबिनेट की मीटिंग मंगलवार को मिनिस्ट्री में कम्प्लीट हुई।  प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और तकनीकी प्रगति को गति देने वाली प्रमुख योजनाओं के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

Summary of Madhya Pradesh Cabinet decisions

कैबिनेट की मीटिंग में प्रदेश की इकोनॉमी की बैकबोन और लाइफ-गिविंग माँ नर्मदा के कंजर्वेशन, रिवाइवल तथा लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबल मैनेजमेंट के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के फॉर्मेशन की सेंक्शन प्रदान की गयी। इसी तरह कैबिनेट ने साइंस एवं टेक्नोलॉजी सेक्टर में रिसर्च, इनोवेशन और साइंटिफिक कैपेसिटी बिल्डिंग को प्रमोट करने के लिए 734 करोड़ रूपये की सेंक्शन दी है। पिछले बीस वर्षों में प्रदेश में साइंटिफिक रिसर्च और कैपेसिटी बिल्डिंग को प्रमोट करने के लिए स्टेट गवर्नमेंट द्वारा बजट में लगभग 150 गुना इंक्रीज की गयी है। प्रदेश के ओवरऑल डेवलपमेंट, वॉटर कंजर्वेशन, विमेन एम्पावरमेंट, हेल्थ और टेक्निकल प्रोग्रेस को स्पीड देने के लिए कई इम्पोर्टेंट डिसीजन्स को मंजूरी दी गई। 

मीटिंग में स्टेट की मेजर पब्लिक वेलफेयर स्कीम्स के अपकमिंग ईयर्स में निर्बाध ऑपरेशन के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रूपये की सेंक्शन प्रदान की गई। इसके साथ ही, विमेन वेलफेयर को प्रायोरिटी देते हुए ' मुख्यमंत्री लाड़ली बहना स्कीम' के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये, 'मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी स्कीम' के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये और 'प्राइम मिनिस्टर मातृ वंदना स्कीम' के लिए 2,137.65 करोड़ रुपये की फाइनेंशियल कंटीन्यूइटी को मंजूरी दी गई है। 

प्रदेश में हेल्थ सर्विसेज के स्ट्रेंथनिंग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपेंशन के लिए 11 हजार 835.35 करोड़ रुपये, एग्रीकल्चर एजुकेशन व रिसर्च के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये तथा एडमिनिस्ट्रेटिव एफिशिएंसी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के ऑब्जेक्टिव से मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन में 35 न्यू पोस्ट्स के क्रिएशन को भी मंजूरी दी गई है।

निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन) के फॉर्मेशन की सेंक्शन

कैबिनेट ने प्रदेश को लाइफ-गिविंग नर्मदा रिवर के कंजर्वेशन, रिवाइवल और लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबल मैनेजमेंट के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के फॉर्मेशन की सेंक्शन दी है। मध्य प्रदेश की लगभग 33 प्रतिशत पॉपुलेशन डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से नर्मदा रिवर और उसके कैचमेंट एरिया पर डिपेंड है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस मिशन को इंटीग्रेटेड, साइंटिफिक और मल्टी-डिपार्टमेंटल इंस्टीट्यूशनल अरेंजमेंट के रूप में डेवलप किया गया है।

नमन मिशन की मैनेजमेंट स्ट्रक्चर

'नमन मिशन' को म.प्र. सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1973 के तहत एक ऑटोनॉमस बॉडी के रूप में रजिस्टर किया जाएगा, जो पूर्व में फॉर्म्ड कैबिनेट कमिटी, इंटर-डिपार्टमेंटल एग्जीक्यूटिव कमिटी और स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमिटी की प्रायोरिटीज व मॉनिटरिंग सिस्टम को समाहित कर स्ट्रॉन्ग एक्शन प्लान पर कार्य करेगा।
 नमन मिशन का एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर थ्री-टियर रखा गया है। 

चीफ मिनिस्टर करेंगे जनरल बॉडी की चेयरमैनशिप

सुप्रीम जनरल बॉडी की चेयरमैनशिप चीफ मिनिस्टर करेंगे और इसमें पंचायत एवं रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर वाइस-प्रेसिडेंट तथा 19 पार्टिसिपेटिंग डिपार्टमेंट्स के मिनिस्टर्स मेंबर्स होंगे। इसके अलावा जनरल बॉडी में रिवर साइंस, हाइड्रोलॉजी, एनवायरनमेंट, बायो-डायवर्सिटी और कम्युनिटी मैनेजमेंट सेक्टर के मैक्सिमम 10 रेप्युटेड एक्सपर्ट्स भी नॉमिनेट किए जाएंगे। वहीं, मिशन की एडमिनिस्ट्रेटिव एग्जीक्यूटिव कमिटी के चेयरमैन चीफ सेक्रेटरी होंगे, जबकि पंचायत एवं रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी वाइस-प्रेसिडेंट और ऑपरेशन के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) एग्जीक्यूटिव के मेंबर सेक्रेटरी के रूप में कार्य करेंगे। इस एग्जीक्यूटिव कमिटी में IISER, IIT, IRMA, NIH, IIFM, ICAR और NEERI जैसे रेप्युटेड नेशनल इंस्टीट्यूट्स के एक्सपर्ट्स को भी जोड़ा गया है।

मिशन का होगा स्ट्रॉन्ग फाइनेंशियल स्ट्रक्चर

मिशन के स्मूथ ऑपरेशन और प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन के लिए एक स्ट्रॉन्ग फाइनेंशियल स्ट्रक्चर तैयार किया गया है। नर्मदा कंजर्वेशन व डेवलपमेंट वर्क्स के लिए 'निर्मल एवं अविरल नर्मदा मिशन फंड' के तहत स्टेट ग्रांट से एवरी ईयर 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके एडिशनल, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की कैम्पा (CAMPA) फंड से एवरी ईयर 100 करोड़ रुपये का यूज किया जाएगा तथा एक्सेप्शनल कंडीशंस में प्रिवेलिंग स्कीम्स से डिफरेंट वर्क्स के लिए 5 वर्षों में स्टेट बजट से 100 करोड़ रुपये की अमाउंट अवेलेबल कराई जाएगी। मिशन में सीएसआर (CSR) फंड, सेंट्रल हेल्प और पीपीपी (PPP) मॉडल के मीडियम से भी पब्लिक-कोऑपरेशन जुटाया जाएगा।

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट करेगी साइंटिफिक इवैल्यूएशन

टेक्निकल एफिशिएंसी के लिए फॉर्म की जा रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) एक टेक-इंजन और इनोवेशन सेंटर के रूप में कार्य करेगी। यह यूनिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स, जीआईएस (GIS), रिमोट सेंसिंग, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) और क्लाइमेट चेंज मॉडलिंग जैसी मॉडर्न सिस्टम्स का यूज कर रिवर हेल्थ का साइंटिफिक इवैल्यूएशन करेगी।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना स्कीम के लिए 2,137.65 लाख करोड़ रूपये की सेंक्शन

कैबिनेट ने मिशन शक्ति- सब-स्कीम सामर्थ्य के अंतर्गत सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम "प्राइम मिनिस्टर मातृ वंदना स्कीम" की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कंटीन्यूइटी एवं इम्प्लीमेंटेशन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रूपये की सेंक्शन दी है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना स्कीम का ऑब्जेक्टिव प्रेग्नेंट विमेन को वेजेस की लॉस की पार्शियल कम्पेन्सेशन के रूप में कैश इंसेंटिव प्रोवाइड करना एवं सेकंड डिलीवरी में गर्ल चाइल्ड बर्थ को प्रमोट करना है।

स्कीम के अंतर्गत फर्स्ट डिलीवरी वाली एलिजिबल प्रेग्नेंट विमेन को प्रेग्नेंसी का अर्ली रजिस्ट्रेशन एवं लास्ट मेंस्ट्रुअल साइकिल (एलएमपी) के 6 माह के अंदर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (एंटी-नेटल चेकअप) कराने पर फर्स्ट इन्सटॉलमेंट तीन हजार रूपये और बच्चे के जन्म के रजिस्ट्रेशन एवं फर्स्ट साइकिल का वैक्सीनेशन कम्प्लीट होने पर सेकंड इन्सटॉलमेंट दो हजार रूपये, इस प्रकार कुल 5 हजार रूपये तथा सेकंड डिलीवरी पर गर्ल चाइल्ड बर्थ पर फर्स्ट साइकिल का वैक्सीनेशन कम्प्लीट होने के बाद 6 हजार रूपये का बेनिफिट एक इन्सटॉलमेंट में प्रोवाइड किए जाने का प्रोविजन है।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना स्कीम के लिए 1,14,365 करोड़ रूपये की सेंक्शन

कैबिनेट ने "चीफ मिनिस्टर लाड़ली बहना स्कीम" के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कंटीन्यूअस ऑपरेशन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रूपये की सेंक्शन दी है। प्रदेश में विमेन एम्पावरमेंट की डायरेक्शन में महिलाओं के इकोनॉमिक सेल्फ-रिलायंस, उनके हेल्थ एवं न्यूट्रिशन लेवल में कंटीन्यूअस इम्प्रूवमेंट एवं फैमिली के डिसीजन्स में उनकी भूमिका (रोल) मजबूत करने के लिए चीफ मिनिस्टर लाड़ली बहना स्कीम 2023, लागू की गई है। स्कीम के प्रोविजन्स के अनुसार बेनेफिशरी विमेन को एवरी मंथ 1500 रूपये मंथली इकोनॉमिक हेल्प अमाउंट को उनके डीबीटी एक्टिव अकाउंट में पे किया जा रहा है। प्रेजेंट में लाड़ली बहना स्कीम के अंतर्गत लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं बेनेफिट ले रही हैं।

मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी स्कीम के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ की सेंक्शन

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी स्कीम का वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कंटीन्यूअस ऑपरेशन के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रूपये की सेंक्शन दी है। गर्ल चाइल्ड बर्थ के प्रति पब्लिक में पॉजिटिव थिंकिंग, जेंडर रेश्यो में इम्प्रूवमेंट, गर्ल चाइल्ड के एजुकेशनल लेवल, हेल्थ की कंडीशन में इम्प्रूवमेंट और उनके ब्राइट फ्यूचर की फाउंडेशन रखने के ऑब्जेक्टिव से मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी स्कीम लागू की गई है। स्कीम में अब तक लगभग 50.99 लाख गर्ल चाइल्ड को बेनेफिट दिया जा चुका है। स्कीम अंतर्गत एलिजिबल बेनेफिशरीज को क्लास 6वीं में एडमिशन पर 2 हजार रूपये, क्लास 9वीं में एडमिशन पर 4 हजार रूपये, क्लास 11वीं में एडमिशन पर रूपये 6 हजार रूपये और क्लास 12वीं में एडमिशन पर 6 हजार रूपये ई-पेमेंट के मीडियम से प्रोवाइड किया जाता है।
कॉलेज में एडमिशन लेने पर फर्स्ट ईयर में इंसेंटिव अमाउंट 12,500 रूपये एवं लास्ट ईयर में 12,500 रूपये दो इक्वल इन्सटॉलमेंट में प्रोवाइड किया जाता है। साथ ही 21 वर्ष की एज कम्प्लीट करने पर 1 लाख रूपये का पेमेंट किया जाता है।

एग्रीकल्चर, एजुकेशन एवं रिसर्च एक्टिविटीज के लिए 870 करोड़ 16 लाख सेंक्शन

कैबिनेट ने फार्मर वेलफेयर तथा एग्रीकल्चर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के अंतर्गत तीन स्कीम्स की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की पीरियड तक ऑपरेशन की कंटीन्यूइटी के लिए 870 करोड़ 16 लाख रूपये की सेंक्शन दी है। सेंक्शन अनुसार:-
जवाहरलाल नेहरु एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, जबलपुर सेल्फ-फाइनेंसिंग पेंशन स्कीम के लिए 310 करोड़ 23 लाख रूपये सेंक्शन किए गए है। इससे यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड ऑफिसर्स एवं एम्प्लॉइज को पेंशन का रेगुलर पेमेंट किया जाता है।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ग्वालियर को ब्लॉक ग्रांट स्कीम के लिए 469 करोड़ 93 लाख रूपये की सेंक्शन दी गई है। यूनिवर्सिटी प्रदेश में एग्रीकल्चर एजुकेशन, रिसर्च एवं एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एक्टिविटीज का मेजर सेंटर है। ब्लॉक ग्रांट स्कीम के मीडियम से ऑफिसर्स, साइंटिस्ट्स एवं एम्प्लॉइज के सैलरी-अलाउंसेज, रिसर्च एक्टिविटीज, इंस्टीट्यूशनल एक्सपेंसेज तथा अन्य परमिसिबल फाइनेंशियल लायबिलिटीज का रेगुलर निर्वहन किया जाता है।

स्कीम की कंटीन्यूइटी यूनिवर्सिटी की इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटी, एकेडमिक क्वालिटी एवं एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के इफेक्टिव इम्प्लीमेंटेशन के लिए जरूरी हैं। इसके साथ ही एग्रीकल्चर सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के लिए 90 करोड़ रूपये सेंक्शन किए गए है। स्कीम के मीडियम से लैबोरेटरीज, ट्रेनिंग फैसिलिटीज, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर तथा अन्य जरूरी एसेट्स का डेवलपमेंट एवं अपग्रेडेशन किया जाता है। स्कीम की कंटीन्यूइटी से डिपार्टमेंट एवं एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज की इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटी मजबूत होगी और एग्रीकल्चर सेक्टर की बदलती नीड्स के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर का डेवलपमेंट कन्फर्म होगा।

हेल्थ सर्विसेज के अपग्रेडेशन एवं स्ट्रेंथनिंग के लिए 11 हजार 835.35 करोड़ रूपये की सेंक्शन

कैबिनेट ने प्रदेश में हेल्थ सर्विसेज के अपग्रेडेशन एवं स्ट्रेंथनिंग के लिए कुल 11 हजार 835.35 करोड़ रूपये की सेंक्शन दी है। सेंक्शन अनुसार सब-हेल्थ सेंटर स्कीम के लिए 4,742 करोड़ 45 लाख रूपये सेंक्शन किए गये है।
सब-हेल्थ सेंटर स्कीम के अंतर्गत प्रदेश के समस्त चीफ मेडिकल एवं हेल्थ ऑफिसर्स के अंडर वर्किंग ए.एन.एम./एल.एच.व्ही. का सैलरी ड्रा किया जाता है। यह स्कीम मुख्य रूप से चीफ मेडिकल एवं हेल्थ ऑफिसर ऑफिसेज के लिए ही ऑपरेटेड हैं। हेल्थ सर्विसेज का अपग्रेडेशन एवं स्ट्रेंथनिंग स्कीम के लिए 518 करोड़ 93 लाख रूपये की सेंक्शन दी गई है। हेल्थ सर्विसेज का अपग्रेडेशन एवं स्ट्रेंथनिंग स्कीम के अंतर्गत प्रदेश के समस्त चीफ मेडिकल एवं हेल्थ ऑफिसर और सिविल सर्जन को-चीफ हॉस्पिटल सुप्रीटेंडेंट तथा सब-हेल्थ सेंटर, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर एवं प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स में इंटरनल एवं एक्सटर्नल पेशेंट्स के ट्रीटमेंट के लिए लगने वाले मॉडर्न इक्विपमेंट्स का मैनेजमेंट किया जाता हैं। हॉस्पिटल एवं डिस्पेंसरी के लिए बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्कीम के लिए 3,219 करोड़ 22 लाख रूपये की सेंक्शन दी गई है। स्कीम के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न हॉस्पिटल्स जैसे प्राइमरी हेल्थ सेंटर, सब-हेल्थ सेंटर, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल एवं सिविल हॉस्पिटल के बिल्डिंग्स का अपग्रेडेशन तथा बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन वर्क किया जाता है। आशा वर्कर को एडिशनल इंसेंटिव अमाउंट प्रोवाइड करने संबंधी स्कीम के लिए 3,354 करोड़ 75 लाख रूपये सेंक्शन किए गए है। आशा वर्कर हेल्थ डिपार्टमेंट की ग्राउंड लिंक हैं, जो डोर-टू-डोर जाकर मैटरनल एवं चाइल्ड हेल्थ, वैक्सीनेशन, न्यूट्रिशन, टीबी, मलेरिया, कुपोषण (मालनूट्रिशन) तथा अन्य नेशनल हेल्थ प्रोग्राम्स की इन्फॉर्मेशन, सर्विस और सपोर्ट प्रोवाइड करती हैं। इसके साथ ही रूरल एवं अर्बन एरियाज में हेल्थ सर्विसेज की बढ़ती नीड को पूरा करने में आशा वर्कर्स का रोल इम्पोर्टेंट है। प्रदेश में अर्बन एरियाज में 5200 तथा रूरल एरियाज में 65,800 कुल 71,000 आशा वर्कर तथा 5200 आशा सुपरवाइजर रूरल एरियाज में वर्किंग है।

मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन के 35 न्यू पोस्ट्स की सेंक्शन

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन की पोस्ट स्ट्रक्चर में पूर्व में सेंक्शन 288 पोस्ट्स के एडिशनल 35 न्यू पोस्ट्स एवं पूर्व से सेंक्शन 07 पोस्ट्स की कंटीन्यूइटी अपकमिंग 5 वर्षों अर्थात् 18 सितम्बर 2031 तक रखे जाने की सेंक्शन प्रोवाइड की है। सेंक्शन अनुसार समस्त अपॉइंटमेंट्स के लिए कंसोलिडेटेड पे-स्केल का डिटरमिनेशन करने, विभिन्न पोस्ट्स की फुलफिलमेंट के लिए मिनिमम एलिजिबिलिटी/क्वालिफिकेशन डिसाइड करने के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर ऑथोराइज्ड होंगे। प्रमोशन के लिए मिनिमम एलिजिबिलिटी तथा प्रोसेस बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा डिसाइड की जा सकेगी तथा नेचर ऑफ वर्क के मद्देनजर किसी पोस्ट का डेसिग्नेशन चेंज बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स कर सकेगा। इसके रिजल्ट स्वरूप कुल 4 करोड़ 12 लाख रूपये का एनुअल फाइनेंशियल बर्डन आना एक्सपेक्टेड है, जिसकी फुलफिलमेंट कारपोरेशन द्वारा अपने सोर्सेज से की जायेगी।

साइंटिफिक रिसर्च, इनोवेशन और कैपेसिटी बिल्डिंग को प्रमोट करने के लिए 734 करोड़ रूपये की सेंक्शन

कैबिनेट ने प्रदेश में साइंस एवं टेक्नोलॉजी सेक्टर में रिसर्च, इनोवेशन और साइंटिफिक कैपेसिटी बिल्डिंग को प्रमोट करने से संबंधित साइंस एवं टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट अंतर्गत स्कीम्स के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की पीरियड तक कंटीन्यूअस ऑपरेशन के लिए 734 करोड़ रूपये की सेंक्शन दी है। पिछले 20 वर्षों में प्रदेश में साइंटिफिक रिसर्च और कैपेसिटी बिल्डिंग को प्रमोट करने के लिए स्टेट गवर्नमेंट द्वारा बजट में लगभग 150 गुना इंक्रीज की गयी है। डिसीजन अनुसार रिसर्च स्कीम तथा डेवलपमेंटल एक्टिविटीज से संबंधित स्कीम के लिए 201 करोड़ 28 लाख रूपये सेंक्शन किए गए है। स्कीम के अंतर्गत रिसर्च, इनोवेशन एवं टेक्निकल कैपेसिटीज को स्ट्रेंथनिंग कर साइंस-बेस्ड एवं एविडेंस-बेस्ड पॉलिसी-मेकिंग को प्रमोट किया जाएगा।

स्कीम के मीडियम से रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस (GIS), रिसर्च एवं डेवलपमेंट, बायो-टेक्नोलॉजी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन, क्लाइमेट चेंज स्टडी, रूरल टेक्नोलॉजी तथा एटलस प्रोजेक्ट के मीडियम से नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन एवं टेक्निकल डेवलपमेंट को प्रमोट किया जाएगा।
डायरेक्शन एवं एडमिनिस्ट्रेशन संबंधी स्कीम के लिए 119 करोड़ 04 लाख रूपये सेंक्शन किए गए है। स्कीम के अंतर्गत काउंसिल के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेशन तथा स्कीम्स के कोऑर्डिनेशन एवं मॉनिटरिंग से संबंधित वर्क किए जायेगे।

स्कीम के मीडियम से सैलरी-अलाउंसेज, ऑफिस एक्सपेंस, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग, मीटिंग्स, वर्कशॉप्स तथा टेक्निकल एवं एडमिनिस्ट्रेटिव हेल्प की अरेंजमेंट कन्फर्म कर साइंस एवं टेक्निकल स्कीम्स के इफेक्टिव, ट्रांसपेरेंट एवं रिजल्ट-ओरिएंटेड इम्प्लीमेंटेशन के लिए जरूरी एडमिनिस्ट्रेटिव बेस अवेलेबल कराया जायेगा।

इसी तरह साइंस को पॉपुलर करना, साइंस के स्प्रेड के लिए हेल्प संबंधी स्कीम के लिए 172 करोड़ 52 लाख रूपये और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन की एक्टिविटीज के लिए 241 करोड़ 16 लाख रूपये सेंक्शन किए गए है।

स्कीम के अंतर्गत रूरल एवं ट्राइबल एरियाज में साइंस एवं टेक्नोलॉजी के पॉपुलराइजेशन के ऑब्जेक्टिव से साइंस अवेयरनेस प्रोग्राम, मोबाइल साइंस लैबोरेटरीज, साइंस एजुकेशन एवं इनोवेशन वर्कशॉप्स तथा साइंस मंथन यात्रा का ऑर्गेनाइजेशन किया जाएगा।

साथ ही, स्कीम की एक्टिविटीज की रेगुलर मॉनिटरिंग, इवैल्यूएशन एवं डॉक्यूमेंटेशन के मीडियम से इसके इफेक्टिव इम्प्लीमेंटेशन को कन्फर्म किया जाएगा।

इस के अंतर्गत नेशनल साइंस डे, नेशनल मैथमेटिक्स डे, वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे, नेशनल टेक्निकल डे, डिवीजन लेवल साइंस फेयर्स (डिवीजनल साइंटिफिक कॉन्फ्रेंस) और साइंस ऑन व्हील तथा क्रिएटिविटी लर्निंग सेंटर द्वारा विभिन्न प्रोग्राम्स का ऑर्गेनाइजेशन किया जाता है। रिपोर्ट: राजेश बैन/अनुराग उइके।

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