भोपाल, 9 अगस्त 2026: किसी भी कंपनी का कारोबार और ब्रांड वैल्यू, एक व्यक्ति की जान से ज्यादा नहीं होते। इसलिए जनता को सतर्क करना जरूरी है कि, मतली (Nausea), उल्टी (Vomiting), और पेट से जुड़ी समस्याओं (जैसे अपच या पेट भारी होना) के लिए जो सिरप डॉक्टर द्वारा लिखी जा रही है, इसके बारे में डॉक्टर से दोबारा पूछें। बेहतर होगा जब तक मामले की जांच रिपोर्ट ना आ जाए, जब तक मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्टीकरण ना आ जाए, बच्चों को यह वाली सिरप नहीं पिलाई जाए। क्योंकि इसको पीने से धार जिले में 14 महीने की एक मासूम कन्या की मृत्यु हो गई है। पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है।
धार में क्या हुआ; मामला क्या है
मामला निसरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। हेलादड गांव के रहने वाले अविनाश देवके की बेटी विधि (उम्र 14 महीने) बीती 7 अगस्त को उल्टियां कर रही थी। वे उसे लेकर सामुदयिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अस्पताल में चेकअप के बाद डॉ. प्रिया गहलोत ने बच्ची को उल्टी रोकने की सिरप- डोम्पेरिडोन सस्पेंशन आईपी (Domperidone Suspension IP) दी थी। डोमपरिडोन का उपयोग आमतौर पर मतली (Nausea), उल्टी (Vomiting), और पेट से जुड़ी समस्याओं (जैसे अपच या पेट भारी होना) के इलाज के लिए किया जाता है। यह एक लोकप्रिय दवाई है और मध्य प्रदेश में ज्यादातर डॉक्टर इसका सेवन करने का परामर्श देते हैं। आज से पहले तक इस सिरप को लेकर कोई शिकायत नहीं आई थी।
परिजनों का कहना है कि, अस्पताल से घर लौटने के बाद उन्होंने विधि को सिरप पिलाई। इसके बाद वह सो गई। 10 मिनट बाद उठी और रोने लगी। इसके कुछ देर बाद उसकी सांसें थम गईं। परिजन उसे वापस अस्पताल लाए। यहां उसकी मौत की पुष्टि के बाद हंगामा कर दिया। डॉक्टर पर इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप लगाए। सिरप की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग की। अविनाश देवके ने कहा- कुक्षी सिविल अस्पताल ले जाते वक्त बच्ची के शव पर काले धब्बे हो गए थे। जीभ भी काली पड़ गई थी।
मामले की जांच के लिए सीधी जिले के कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के निर्देश पर धार सीएमएचओ अनीता सिंगारे ने चार सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. सुभाष बरडे, ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र पाटीदार और मनावर सीबीएमओ डॉ. चंपा बघेल शामिल हैं। सीएमएचओ सिंगारे ने कहा- सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। एक-दो दिन में कमेटी की रिपोर्ट आ जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कुक्षी सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया
धार सीएमएचओ अनीता सिंगारे ने कहा कि परिजन शव का पोस्टमॉर्टम निसरपुर अस्पताल में नहीं करवाना चाहते थे। ऐसे में कुक्षी सिविल अस्पताल में डॉ. राजेंद्र मंडलोई और डॉ. राजकुमार पाटीदार ने पोस्टमॉर्टम किया है। बिसरा राऊ की फॉरेंसिक लैब में भेजा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बाजार से खरीदी गई सिरप एवं डॉक्टर का पर्चा जप्त कर लिया है। जैसा कि सीएमएचओ ने कहा, एक-दो दिन में कमेटी की रिपोर्ट आ जाएगी। इसका मतलब हुआ कि अगले 2-3 दिन अथवा जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती है, और मासूम बच्ची की मौत का कारण नहीं पता चल जाता है, तब तक सतर्क रहें और डॉक्टर से Domperidone Suspension IP के स्थान पर किसी और दवाई की मांग करें।

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