इंदौर, 03 अगस्त 2026: संभागायुक्त श्री भास्कर लक्षकार की अध्यक्षता में आज संभागायुक्त कार्यालय में स्कूल शिक्षा, जनजाति कार्य, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। संभागायुक्त श्री लक्षकार ने पहली बैठक में चारों विभागों को विभागीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश है कि सम्भाग के सभी जिलों में पदस्थ शिक्षकों और कर्मचारियों के समयमान, वेतनमान, पेंशन और जीपीएफ के मसले पर निर्धारित नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के कार्यों को नियमानुसार अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसके लिए हर तीसरे माह समीक्षा बैठके भी करने के निर्देश दिए है।इसके अलावा उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति के नए सिस्टम की निगरानी के लिए एसओपी बनायी जाए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अलग कार्य योजना पर काम करने के निर्देश दिए है। साथ ही स्थानीय समस्याओं के निराकरण पर संभागीय अधिकारी अपनी प्राथमिकताएं तय करें। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय संचालक डॉ. शॉजी जोसेफ, संयुक्त संचालक डॉ. स्मिता तिवारी, जनजातीय कार्य विभाग के उपायुक्त श्री गणेश भाभर, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती सुनीता यादव, स्कूली शिक्षा विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती अनीता चौहान, विकास आयुक्त श्रीमती शिवानी वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
शिक्षा विभाग में 94 प्रतिशत तो जनजाति कार्य विभाग में 74 प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति
बैठक में संभागायुक्त श्री लक्षकार ने मुख्य रूप से शिक्षा और जनजाति विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति पर फोकस करते हुए ई - एटेंडेंस सिस्टम की समीक्षा की। शिक्षा विभाग के 14 जनपदों में 94 प्रतिशत और जनजाति कार्य विभाग अंतर्गत जनपदों में स्थापित स्कूलों में 72 शिक्षकों की उपस्थिति जुलाई माह में रही है। जनजाति कार्य विभाग के संयुक्त संचालक श्री भाभर ने बताया कि सुदूर क्षेत्रों को विभाग ने डार्क जोन फील्ड रिपोर्ट के आधार पर इनका चयन किया गया है। डार्क जोन में अधिकांश स्कूल आते है। संभागायुक्त श्री लक्षकार ने अगस्त माह से निगरानी व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही डार्क जोन में आने वाले स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की मॉनीटरिंग के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए है। डीईओ सहायक आयुक्त और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के साथ ही डीपीसी की भूमिका को महत्वपूर्ण रूप से रेखांकित किया गया है।
संभागायुक्त श्री लक्षकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अच्छे शिक्षकों सहित विभाग के अन्य अधिकारियों से साथ रणनीति बनाने के निर्देश दिए है। इसके लिए जिलों के डाइट के प्राचार्य और व्याख्याताओं के सतह वीसी के माध्यम से मीटिंग कर आवश्यक रूपरेखा तैयार की जाएगी। साथ ही डायट के स्वरूप को भी बेहतर करने पर जोर दिया जायेगा।
अस्पतालों में आयुष्मान के क्लेम प्रकरण बनाए जाएंगे
संभागायुक्त श्री लक्षकार ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में आयुष्मान अंतर्गत नि:शुल्क उपचार कर रहे शासकीय अस्पतालों द्वारा क्लेम प्रकरण के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इस संबंध में उन्होंने निर्देश दिए है कि सभी जिलों से आयुष्मान अंतर्गत उपचार के क्लेम तैयार कर भेजे जाए,जिससे सम्बंधित अस्पताल को ही लाभ होगा। सभी सीएमएचओ को इसकी चिंता करने के निर्देश दिए है। महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा में लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत जिन महिलाओं का पंजीयन नहीं हुआ है। उनके पंजीयन तथा सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर इस कार्य को गभीरता से लेने के निर्देश दिए है। संभागायुक्त श्री लक्षकार ने इन बिंदुओं पर भी निर्देश दिए है, इनमें पोषण पुर्नवास केन्द्रों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, बच्चों का वजन लेने, सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर वॉटर हार्वेस्टिंग को सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्थानीय समस्याओं के निराकरण आपसी समन्वय के साथ करें। संभाग के सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली की व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ किया जाए।

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