भोपाल, 24 नवंबर 2025: बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) की स्नातक (Undergraduate) और स्नातकोत्तर (Postgraduate) परीक्षाओं के दौरान यह मामला सामने आया। विश्वविद्यालय के फ्लाइंग स्क्वाड (Flying Squad) और केंद्र अधीक्षकों (Centre Superintendents) द्वारा जांच के दौरान, कई परीक्षार्थियों को अत्यंत सूक्ष्म आकार की नकल की पर्चियों के साथ पकड़ा गया।
AI जनरेटेड नकल की पर्चियां
इस मामले को हाईटेक इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि पकड़ी गई पर्चियां हाथ से लिखी हुई नहीं थीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत डिजिटल प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करके तैयार की गई थीं:
AI द्वारा सामग्री निर्माण: ऐसी आशंका है कि छात्रों ने पहले AI टूल्स (जैसे ChatGPT या अन्य टेक्स्ट जनरेटर) का उपयोग करके परीक्षा के संभावित सवालों के उत्तर या नोट्स तैयार करवाए।
डिजिटल संक्षिप्तीकरण: इन उत्तरों को कंप्यूटर पर अत्यधिक संकुचित (Condensed) फॉन्ट साइज़ में, शायद 1 या 2 पॉइंट से भी कम, प्रिंटिंग के लिए तैयार किया गया।
माइक्रो प्रिंटिंग: इनका प्रिंट आउट बहुत हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले प्रिंटर का उपयोग करके लिया गया, जिससे सामग्री इतनी छोटी हो गई कि उन्हें बिना ध्यान दिए देखना लगभग असंभव था।
छिपाने का तरीका: इन पर्चियों का आकार माइक्रोस्कोपिक होता है, जिसे आसानी से पेंसिल, रबर (इरेज़र), पेन कैप या यहाँ तक कि कपड़ों की सिलाई में छिपाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय की कार्रवाई
नकल करते पकड़े जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षार्थियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की:
परीक्षा निरस्त: नकल करते पकड़े गए छात्रों की उस विषय की परीक्षा को तुरंत निरस्त (Cancelled) कर दिया गया है।
UFM (Unfair Means) कमेटी: इन मामलों को विश्वविद्यालय की अनुचित साधन निवारण समिति (Unfair Means Committee - UFM) को भेजा गया है।
भविष्य की कार्रवाई: UFM कमेटी इन छात्रों के बयानों और साक्ष्यों की जांच करेगी। नियमानुसार, दोषी पाए जाने पर छात्रों को एक निश्चित अवधि (जैसे एक या दो वर्ष) के लिए परीक्षाओं में बैठने से वंचित किया जा सकता है।
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