कल का मौसम - 4 राज्यों में घनघोर और 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश होगी - WEATHER FORECAST

मानसून के बादल पूरे भारत के आसमान पर छा गए हैं और लगभग आधे भारत में बारिश हो रही है। अगले तीन-चार दिनों तक भारत में मौसम की गतिविधियां इसी प्रकार संचालित होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने चार राज्यों के लिए रेड लाइट और 17 राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नागरिकों से सावधान रहने की अपील की गई है और नदी नालों के आसपास नहीं जाने के लिए कहा गया है। 

INDIA STATE WISE WEATHER MONSOON FORECAST

  • असम एवं मेघालय में रेड अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर 7 जुलाई तक भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) के साथ अत्यंत भारी वर्षा (>204.4 मिलीमीटर) होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • उत्तराखंड में रेड अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की प्रबल संभावना है। 
  • अरुणाचल प्रदेश में रेड अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) के साथ अत्यंत भारी वर्षा (>204.4 मिलीमीटर) होने की प्रबल संभावना है। 
  • दक्षिणी गुजरात क्षेत्र में रेड अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) के साथ अत्यंत भारी वर्षा (>204.4 मिलीमीटर) होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • पश्चिम उत्तर प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की प्रबल संभावना है। 
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की प्रबल संभावना है। 
  • पंजाब में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • जम्मू संभाग में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की प्रबल संभावना है। 
  • पूर्वी राजस्थान में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की प्रबल संभावना है। 
  • हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • उप-हिमालय पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की प्रबल संभावना है। 
  • बिहार में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की प्रबल संभावना है 
  • ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की संभावना है। 
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की अत्यधिक संभावना है। 
  • तटीय कर्नाटक में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहु बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की प्रबल संभावना है। 
  • कोंकण एवं गोवा में ऑरेंज अलर्ट - दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की प्रबल संभावना है। 
  • सौराष्ट्र एवं कच्छ में ऑरेंज अलर्ट - अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की प्रबल संभावना है। 

मानसून की लास्ट लोकेशन और बारिश का सिस्टम 

मानसून की रेखा समुद्र तल पर फिरोजपुर, रोहतक, लखनऊ, बलिया, पूर्णिया और फिर पूर्व की ओर मणिपुर से होकर गुजर रही है। दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान से दक्षिण राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड होते हुए बांग्लादेश तक समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर ऊपर एक द्रोणिका फैली हुई है।

बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 से 7.6 किलोमीटर के बीच में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मणिपुर के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। गुजरात के ऊपर समुद्र तल से 4.5 से 5.8 किलोमीटर के बीच में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।दक्षिण गुजरात तट से केरल तट तक एक द्रोणिका बनी हुई है। 

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