Legal heir certificate- सभी प्रश्नों के उत्तर जो आप जानना चाहते हैं, कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र

केंद्रीय कर्मचारी एवं विभिन्न राज्य सरकारों की कर्मचारियों को सेवा के दौरान हर साल नॉमिनेशन फॉर्म भरना होता है। जिसमें वह घोषित करता है कि यदि उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसकी पेंशन, एफबी, इंश्योरेंस, बैंक बैलेंस इत्यादि किस व्यक्ति को दिया जाए। लेकिन यदि कर्मचारी नॉमिनेशन फॉर्म नहीं भरता अथवा किसी भी व्यक्ति को अपना नॉमिनी घोषित नहीं करता तब उसकी मृत्यु के पश्चात उसकी संपत्ति आदि के वारिस का निर्धारण कैसे करेंगे। आइए समझते हैं:-

Legal heir certificate क्या है (कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र):-

कोई भी शासकीय सेवक जो राज्य सरकार या केन्द्र सरकार के अधीन कार्य कर रहा है उसकी मृत्यु हो जाती है तब उसकी संपत्ति पर अधिकार रखने वाले व्यक्ति का एक वारिस प्रमाण पत्र बनाया जाता है उसे लीगल हेयर सर्टिफिकेट कहते हैं। किसी प्रमाण पत्र के आधार पर वह दिवंगत कर्मचारी की संपत्ति, बैंक लॉकर, बैंक एफडी एवं पेंशन इत्यादि पर अपने अधिकार का दावा कर पाता है।

Legal heir certificate हेतु योग्यता

• मृतक व्यक्ति की पत्नी।
• मृतक व्यक्ति का बेटा।
• मृतक व्यक्ति की बेटी।
• मृतक व्यक्ति की माता।
• मृतक व्यक्ति के पिता।

Legal heir certificate- कौन बनाता है, कैसे बनता है, कितने समय में बनता है,जानिए:-

वारिस प्रमाण पत्र राजस्व विभाग द्वारा तहसीलदार कार्यालय द्वारा बनाया जाता है एवं इसका सत्यापन तहसीलदार या SDM द्वारा किया जाता है। यह प्रमाण पत्र 14 दिन से एक माह के बीच में बन जाता है। अगर किसी कारण से जाँच अधिकारी द्वारा वारिस प्रमाण पत्र का आवेदन खारिज (निरस्त) कर दिया जाता है तब कलेक्टर कार्यालय में इसकी अपील की जा सकती है।

Legal heir certificate हेतु डॉक्यूमेंट लिस्ट:-

1. आवेदक का शपथ पत्र।
2. जहाँ शासकीय सेवक कार्य करता था वहाँ के कार्यालय का प्रमाण पत्र।
3. शासकीय सेवक का मृत्यु प्रमाण पत्र।
4. पहचान पत्र, स्थाई निवासी प्रमाण पत्र आदि।

Legal heir certificate कहां पर काम आता है जानिए:- 

वारिस प्रमाण पत्र मृत शासकीय सेवक की संपति जैसे उसकी पेंशन प्राप्त करने, क्लेम, रिटायरमेंट फंड, पीएड, इंश्योरेंस, बीमा, बैंक रुपये, अनुकम्पा नियुक्ति आदि प्राप्त करने के लिए जरूरी होता है।