BHOPAL SAMACHAR की खबर का असर- पूर्व प्राचार्य सस्पेंड, जिला शिक्षा अधिकारी बचा रहे थे

भोपाल
। एक बार फिर भोपाल समाचार डॉट कॉम की खबर का असर हुआ है। विदिशा जिले में कुरवाई हायर सेकेंडरी स्कूल की पूर्व प्राचार्य शाहिना फिरदौस को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके ट्रांसफर के बाद खुलासा हुआ था कि स्कूल में एक चबूतरा बना दिया गया है जिसे मजार बताया जाता है और स्कूल में जन गण मन का गायन नहीं होता था। इस मामले की फर्स्ट इन्वेस्टिगेशन दैनिक भास्कर को सेवाएं दे रहे गंजबासौदा के पत्रकार द्वारा की गई थी और भोपाल समाचार डॉट कॉम द्वारा उनकी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को लिफ्ट कराया गया (यहां क्लिक करके पढ़िए)।

यह मामला इसलिए गंभीर हो गया था क्योंकि जिला शिक्षा अधिकारी एके मौदगिल ने इसकी पुष्टि की थी परंतु दलील दी थी कि अब नए प्राचार्य की पदस्थापना के बाद जन गण मन का गायन हो रहा है। चबूतरे के बारे में कलेक्टर को जानकारी दे दी है, आगे की कार्रवाई वही करेंगे और सब कुछ ठीक है। इस प्रकार उन्होंने शाहिना फिरदौस के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की थी। ना ही, स्कूल की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई की शुरुआत की। 

भोपाल समाचार डॉट कॉम एवं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पत्रकारों द्वारा मामला संज्ञान में ले जाने के बाद यह देश भर में चर्चा का विषय बन गया। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की टीम भी कुरवाई पहुंच गई और मामले को सही पाया। आयोग ने पाया कि विवादित चबूतरा एक नया निर्माण है। आयोग ने यह भी पाया कि स्कूल में एक कक्ष वर्ग विशेष की छात्राओं की धार्मिक गतिविधियों के लिए आरक्षित था। स्कूल की व्यवस्था बदल जाने के बाद भी छात्राओं ने अपने आरक्षित कक्ष की मांग की है। लड़कियों को मालूम ही नहीं है कि स्कूलों में ऐसा कोई कष्ट नहीं होता। आयोग अपनी रिपोर्ट एवं अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजेगा।

32 वर्ष की सेवा में मैंने कोई गलत काम नहीं किया: शाहिना

शाहिना फिरदौस ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। स्कूल से लगी कब्रें बहुत पुरानी हैं। उनका नया निर्माण मेरे द्वारा नहीं किया गया। संस्था में कभी भी राष्ट्रगान पर रोक नहीं रही। मप्र गान के साथ एक भजन भी स्पीकर के साथ कराया जाता रहा। कोई मेरे खिलाफ षड्यंत्र कर रहा है। कुल 32 वर्ष की सेवा और 16-17 साल से प्रभारी एवं प्राचार्या के रूप में मैंने सदा ईमानदारी से सेवा की है। पहले भी झूठे षड्यंत्र रचकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। सक्षम अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।

स्कूल में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के संकेत मिले हैं: राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा कि वहां राष्ट्र विरोधी गतिविधियां संचालित होने के संकेत मिले हैं। एक वर्ग विशेष की छात्राओं ने स्कूल में ही अलग से एक कक्ष धार्मिक कार्यों के लिए मांगा है, जिसकी जानकारी केंद्र सरकार को दी जाएगी। उधर, कुरवाई के दो अन्य स्कूलों में भी मजार की आकृति मिली है। ये मिडिल गर्ल्स स्कूल व शासकीय कन्या बालक-प्राथमिक शाला है।