मध्य प्रदेश- स्वरोजगार बैंक लोन में भी आरक्षण की घोषणा - MP NEWS

भोपाल।
मध्यप्रदेश में आरक्षण की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समानता का संदेश देने वाले संत रविदास की जयंती के अवसर पर एक नई स्वरोजगार योजना की घोषणा कर दी है। इसके तहत केवल अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को स्वरोजगार के लिए लोन दिया जाएगा। स्वाभाविक है कि यह सभी के लिए उपलब्ध स्वरोजगार योजना के बजट में से समायोजित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज घोषणा की कि जल्द ही संत रविदास स्व-रोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना आरंभ की जाएगी। 
डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों के पूर्व से स्थापित सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों को कम लागत के उपकरण या कार्यशील पूँजी के लिए एक लाख रूपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। 

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्व-रोजगार, कौशल उन्नयन, संवर्धन और नवाचार के लिए दो करोड़ रूपए तक का अनुदान दिया जाएगा। 
संत रविदास स्व-रोजगार योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को मैन्युफेक्चरिंग इकाई की स्थापना के लिए एक लाख से 50 लाख रूपए तक की ऋण सहायता प्रदान की जाएगी। 

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में आरक्षण का फार्मूला

उपरोक्त तीनों में से डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना का कांसेप्ट लॉजिकल है लेकिन संत रविदास स्व-रोजगार योजना की फीचर्स ना केवल मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के जैसे हैं बल्कि लोन की लिमिट 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दी गई है। सरल शब्दों में कहें तो बड़ी ही चतुराई के साथ सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में आरक्षण लागू कर दिया है, क्योंकि दोनों योजनाओं के लिए फंडिंग सोर्स एक ही रहेगा। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लक्ष्य कम करके संत रविदास स्व-रोजगार योजना को समायोजित किया जाएगा। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.