GWALIOR NEWS- स्वीपर के लिए Msc, चपरासी के लिए MBA और वॉचमैन के लिए Bed वाले लाइन में

ग्वालियर
। मध्यप्रदेश शासन की अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी प्राप्त करने के लिए बड़े-बड़े डिग्री धारी लाइन में लगे दिखाई दिए। चपरासी, स्वीपर एवं समकक्ष के मात्र 15 रिक्त पदों के लिए 11082 उम्मीदवार इंटरव्यू की लाइन में खड़े थे। लाइन इतनी लंबी थी कि कोर्ट के दरवाजे से लेकर इंदरगंज तक बेरोजगार ही बेरोजगार दिखाई दे रहे थे। इस लाइन के कारण ट्रैफिक डिस्टर्ब हो गया। अनुशासन के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। 

मध्यप्रदेश में कितनी बेरोजगारी, यहां देखिए

ग्वालियर जिला न्यायालय में माली, चपरासी, वॉचमैन, चालक और स्वीपर के कुल 15 रिक्त पदों के लिए शनिवार को इंटरव्यू शुरू हुए। यह इंटरव्यू रविवार तक चलेंगे। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता कक्षा आठवीं पास से लेकर कक्षा 12वीं पास तक है लेकिन आवेदक उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता BCOM, BA, MA, BSC, MSC, Bed और MBA जैसी डिग्रियां है। इन पदों पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को सातवां वेतनमान नहीं मिलेगा। बल्कि इनको कलेक्ट्रेट पर मजदूरी दी जाएगी। फिर भी लोग नौकरी पाने के लिए सुबह से लाइन में लगे और शाम तक भूखे प्यासे खड़े रहे। 

मध्य प्रदेश में लोग सरकारी नौकरी क्यों करना चाहते हैं

उम्मीदवारों का कहना है कि 2017 से सरकारी नौकरियां बंद हो गई है। या तो सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करती और यदि करती है तो खत्म नहीं करती। भर्ती परीक्षा होने के बाद परिणाम अटक जाते हैं। जिन परीक्षाओं के परिणाम आते हैं उनमें नियुक्ति नहीं मिलती। उच्च शिक्षित होने के बावजूद ₹12000 महीने की नौकरी लोग इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि मध्यप्रदेश में प्राइवेट नौकरी में भी इतनी ही तनख्वाह मिलती है। प्राइवेट में मालिक कभी भी नौकरी से निकाल देता है। सरकारी में सैलरी कम होगी लेकिन नौकरी से निकालने से पहले माफी मांगने का एक मौका तो मिलेगा। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें


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