11वीं के छात्र को किताबों के लिए पैसे चाहिए थे, मजदूरी मांगने गया, कंपनी ने सीवेज में उतार दिया, मौत- BHOPAL NEWS

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में सीवेज टैंक में इंजीनियर के साथ जिसकी मृत्यु हुई वह मजदूर नहीं था बल्कि कक्षा 11 का छात्र था। किताबें खरीदनी थी इसलिए मजदूरी करने चला गया। कंपनी ने उसे सीवेज लाइन और टैंक के मेजरमेंट जैसे खतरनाक काम पर लगा दिया। अनुभवी नहीं था इसलिए हादसे का शिकार हो गया। 

भारत सिंह मूल रूप से झाबुआ का रहने वाला था। कक्षा 11 का होनहार छात्र था। परीक्षाएं नजदीक आ गई थी। पढ़ाई करने के लिए कुछ किताबों की जरूरत थी। पिता शैतान सिंह भोपाल में मजदूरी करते हैं। उसने पिता से पैसे मांगे तो पिता ने उसे भोपाल बुला लिया। सोचा कुछ दिन साथ रहेगा। इधर भारत सिंह किताबों के लिए पैसा जुटाने हेतु मजदूरी करने निकल पड़ा।

लाऊखेड़ी क्षेत्र में अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी सीवेज लाइन का काम कर रही है। कंपनी के अधिकारियों ने भारत सिंह की कम उम्र और अनुभवहीन होने के बावजूद उसे सीवेज लाइन के मेजरमेंट जैसे खतरनाक गंभीर काम पर लगा दिया। उसे सीवेज टैंक में उतरकर मेजरमेंट करना नहीं आता था। इसलिए हादसे का शिकार हो गया। सीवेज टैंक की गहराई 20 फीट बताई गई है। पूरे टैंक में गंदा कीचड़ भरा हुआ था। जहरीली गैस निकल रही थी।

पढ़ लिख कर अफसर बनना चाहता था भारत सिंह

पिता ने बताया कि उनका बेटा भारत सिंह पढ़ने लिखने में काफी अच्छा था। खूब पढ़ना चाहता था और अफसर बनना चाहता था। किताबों और पढ़ाई का खर्चा खुद निकालने के लिए कभी-कभी छोटे-मोटे काम कर लेता था। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.