Loading...    
   


त्योहारी सीजन के लिए CORONA GUIDELINES जारी, SOP का सख्ती से पालन - NATIONAL NEWS

नई दिल्ली।
 कोरोना के बढ़ते नए मामलों ने केंद्र और राज्य सरकारों को टेंशन में डाल दिया है। त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट रहने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने होली, ईद, शब-ए-बारात और ईस्टर पर भीड़ को रोकने का निर्देश दिया है। 

महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और गुजरात में कोरोना वायरस के नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य अतिरिक्त सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा है कि होली, शब-ए-बारात, बिहू, ईस्टर और ईद-उल-फितर के मौके पर सार्वजनिक जगहों पर भीड़ को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर सख्त कदम उठा सकते हैं।' 

गुजरात सरकार ने होली को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा कि होली वाले दिन सार्वजनिक समारोहों और भीड़ वाले कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य के दो जिलों नांदेड़ और बीड में आज रात 12 बजे से 4 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित कर दिया है। जरूरी सामानों की दुकानें सुबह 7 बजे दोपहर 12 बजे तक खुलेंगी।

राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को परीक्षण-निगरानी-उपचार प्रोटोकॉल, रोकथाम के उपाय, कोविड-उपयुक्त व्यवहार और विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए

गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देशों के साथ आज एक आदेश जारी किया, जो 1 अप्रैल, 2021 से लागू होगा और 30 अप्रैल, 2021 तक प्रभावी रहेगा।

दिशानिर्देशों का मुख्य जोर कोविड-19 के प्रसार पर रोकथाम के प्रयासों से प्राप्त लाभों को समेकित करने पर है, जो लगभग 5 महीनों तक लगातार सक्रिय मामलों की संख्या में कमी के रूप में दिखाई दिए थे।

देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 से मामलों में फिर से आई तेजी को देखते हुए, इन दिशानिर्देशों में राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों के लिए देश के सभी हिस्सों में परीक्षण- निगरानी- उपचार को सख्ती के साथ लागू करने; हर किसी के द्वारा कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन सुनिश्चित करने; और सभी लक्षित समूहों को शामिल करने के लिए टीकाकरण अभियान को बढ़ाने का आदेश दिया गया है।

इस बात भी जोर दिया गया है कि सफलता से गतिविधियों को फिर से शुरू करना और महामारी से पूरी तरह उबरना सुनिश्चित करने के लिए सुझाई गई गई रोकथाम की रणनीति को सख्ती से लागू करने और एमएचए तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) और राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों द्वारा जारी दिशानिर्देशों/ एसओपी की सख्ती से निगरानी करने की जरूरत है।

राज्य और संघ शासित क्षेत्र, जहां आरटी-पीसीआर परीक्षणों का अनुपात कम है, को इसमें तेजी लानी चाहिए जिससे सुझाए गए 70 प्रतिशत या उससे ज्यादा के स्तर को हासिल किया जा सके।

व्यापक परीक्षण के परिणाम स्वरूप सामने आए नए पॉजिटिव मामलों में मरीजों को जल्द से जल्द आइसोलेट/ क्वारंटाइन करने और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने की जरूरत है।

प्रोटोकॉल के अनुसार, उनके संपर्कों के बारे में जल्द से जल्द पता लगाने और इसी प्रकार आइसोलेट/ क्वारंटाइन करना है।

पॉजिटिव मामलों और उनके संपर्कों की निगरानी के आधार पर, जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा सुझाए गए दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म स्तर पर सतर्कतापूर्वक नियंत्रण क्षेत्रों का सीमांकन किया जाएगा।

संबंधित जिलाधिकारियों और राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों के द्वारा वेबसाइट पर नियंत्रण क्षेत्रों को अधिसूचित किया जाएगा। यह सूची नियमित आधार पर एमओएचएफडब्ल्यू के साथ भी साझा की जाएगी।

सीमांकित नियंत्रण क्षेत्रों के भीतर, एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा सुझाए गए उपायों के तहत रोकथाम के उपायों का बेहद सावधानी से पालन किया जाएगा, जिसमें सख्त परिधीय नियंत्रण, गहन घर-घर निगरानी, संपर्कों का पता लगाना, आईएलआई/एसएआरआई मामलों की निगरानी आदि शामिल है।

स्थानीय जिला, पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा कि सुझाए गए रोकथाम के उपायों का सख्ती से पालन किया जाए और राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों को इससे संबंधित अधिकारियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करनी होगी।

प्रतिबंध

राज्यों और संघ शासित क्षेत्र हालात के अपने आकलन के आधार पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से जिला/ उप जिला और शहर/ वार्ड स्तर पर प्रतिबंध लगा सकते हैं।


आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं

लोगों और सामान की अंतर राज्यीय और राज्यों के भीतर आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा, जिसमें पड़ोसी देशों के साथ संधियों के तहत सीमापार व्यापार शामिल है। इस तरह की आवाजाही के लिए अलग से कोई अनुमति/ स्वीकृति/ ई-अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।

नियंत्रण क्षेत्रों के बार सभी गतिविधियों के लिए अनुमति है और विभिन्न गतिविधियों के लिए एसओपी जारी किए गए हैं। इनमें शामिल है : यात्री ट्रेनों द्वारा आवाजाही; होटल और रेस्टोरेंट; शॉपिंग मॉल; मल्टीप्लेक्स और एंटरटेनमेंट पार्क; योग केन्द्र और जिम; प्रदर्शनियां, सभाएं और जनसभाएं आदि।

समय समय पर जारी एसओपी को संबंधित अधिकारियों द्वारा सख्ती से लागू किया जाएगा, जो उनकी सख्ती से निगरानी के लिए जवाबदेह होंगे।

24 मार्च को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार



भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here