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कर्मचारी को समान काम समान वेतन, सरकार अनुच्छेद 141 के दायित्व से पलायन नहीं कर सकती / EMPLOYEE and LAW

अमित चतुर्वेदी / समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत का पालन भारत जैसे देश मे आवश्यक रूप से किया जाना चाहिए। चूंकि भारत आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय कॉन्वेंट (समूह) का हस्ताक्षरकर्ता है।

बिना संदेह के सभी संबंधित अस्थायी कर्मचारी, समान पद धारण करने वाले स्थाई कर्मचारियों की भांति, उक्त पद के वेतनमान के न्यूनतम वेतन पाने के पात्र हैं। दूसरे शब्दों में समान कार्य के लिए समान वेतन प्राप्त करने के पात्र हैं।

भारत के अंतर्राष्ट्रीय कान्वेंट के हस्ताक्षरकर्ता होने एवम उपरोक्त को 10 अप्रैल 1979 को अंगीकार किये जाने के पश्चात, संविधान के विभिन्न प्रावधानों एवं अनुच्छेद 141, के अंतर्गत प्रतिपादित विधि के पालन में विधिक दायित्व से पलायन का कोई स्थान नही है। संवैधानिक प्रावधान, सभी प्रकार के कर्मचारियों के लिए चाहिए वह स्थाई या अस्थाई, समान कार्य के लिए समान वेतन के स्पष्ट अधिकार प्रदान करते हैं एवं उनमे में निहित हैं।
लेखक श्री अमित चतुर्वेदी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में एडवोकेट हैं। 


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