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पृथ्वी के पास मिला एक और छोटा सा चांद | SCIENCE NEWS

बड़ी ही मजेदार खबर आ रही है वैज्ञानिकों को हाल ही में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के अंदर एक और छोटा सा चांद देखा है। फिलहाल यह काफी छोटा है। शायद एक कार के बराबर, लेकिन भविष्य में क्या होगा कोई नहीं जानता। वैज्ञानिकों ने ऐसे ही मिनी मून नाम दिया है। ज्यादातर लोग इस तरह की खबरों पर ध्यान नहीं देते परंतु इस तरह की घटनाएं पृथ्वी पर इंसान के जीवन को प्रभावित कर सकती है। कुल मिलाकर हम लोगों को छोटे चंदा मामा भी मिल गए हैं। यह कितने दिनों तक हमारे साथ रहेंगे पता नहीं परंतु फिलहाल तो है।

धूमकेतु और क्षुद्रग्रह की खोज करने वाली अमेरिकी संस्था 'कैटालिना स्काई सर्वे' (Catalina Sky Survey) ने अंतरिक्ष में एक वस्तु (ऑब्जेक्ट) की खोज की है, जो करीब तीन साल से पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बंधी हुई है। वैज्ञानिकों ने इसे 2020 CD3 का नाम दिया है। 

19 फरवरी को 'कैटालिना स्काई सर्वे' के खगोलविदों ने एक धीमी चीज़ को पृथ्वी के करीब घूमते हुए देखा, ये पृथ्वी के काफी करीब था और आकार में चंद्रमा से छोटा था। इसी चीज को तब दुनिया भर के छह अन्य वेधशालाओं (Observatories) के शोधकर्ताओं ने भी देखा था। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसे मिनीमून माना जा सकता है। शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि नया और शायद अस्थायी मिनीमून 1.9 मीटर और 3.5 मीटर के बीच का है, जो लगभग एक छोटी आकार की कार के समान है।

'कैटालिना स्काई सर्वे' के खगोलविद कैस्पर विर्कोज़ (Kacper Wierzchos) ने 19 फरवरी की रात ट्वीट किया, 'मैंने और मेरे कैटालिना स्काई सर्विस टीम के साथी टेडी प्रुयने ने मिलकर 20वें मैग्नीट्यूड का एक ऑब्जेक्ट खोजा है।'

वहीं, इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन मिरर प्लेनेट सेंटर ने अपनी आधिकारिक रिलीज में कहा- 'ये ऑब्जेक्ट अस्थायी रूप से पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बंधा हुआ है। इस दौरान सौर विकिरण दबाव के कारण गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला। हमें एक ज्ञात कृत्रिम वस्तु का कोई लिंक भी नहीं मिला है।' खगोलविदों का कहना है कि नए मिनीमून का ऑर्बिट स्थिर है। शायद ये खुद से ही पृथ्वी से अलग हो गया होगा।

बता दें कि ये पहली बार नहीं है कि पृथ्वी के एक से ज्यादा चंद्रमा का पता चला हो। इसके पहले साल 2006 में RH120 नाम से पृथ्वी के अस्थायी चंद्रमा का पता चला था। हालांकि, RH120 सितंबर 2006 से जून 2007 तक पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के भीतर बना रहा। इसके बाद ये अलग हो गया। ऐसे में वैज्ञानिकों का मानना है कि 2020 CD3 भी संभवत: अस्थायी ही होगा।


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