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बस कंडक्टर ने बिना कोचिंग के UPSC पास की, IAS अफसर बनेगा | INSPIRATIONAL STORY

एपीजे अब्दुल कलाम सही कहते थे, सपने वो नहीं होते जो नींद में आते हैं बल्कि सपने वह होते हैं जो नींद उड़ा दे। कर्नाटक में पिछले 10 साल से BMTC की बसों में कंडक्टर की नौकरी करने वाले 29 साल की मधु एनसी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उसके सपनों ने उसकी नींद उड़ा रखी थी। परिवार का प्रेशर नहीं था। बस कंडक्टर की नौकरी भी उसके परिवार की नजर में उसकी बड़ी सफलता थी लेकिन फिर भी मधु ने पढ़ाई की। मास्टर्स की डिग्री हासिल की और अब UPSC की परीक्षा पास कर ली है, वह भी बिना किसी कोचिंग के। 25 मार्च को मधु एनसी का इंटरव्यू है, सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही मधु एक IAS अफसर होगा। आज वह बस कंडक्टर है, कल भारत के परिवहन नियम बनाएगा।

29 वर्षीय मधु एनसी बेंगलुरु की बीएमटीसी बस में कंडक्‍टर के तौर पर काम करते हैं। उन्‍होंने हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग, यूपीएससी की मुख्‍य परीक्षा पास की है और अब वह इंटरव्‍यू की तैयारी कर रहे हैं, जो 25 मार्च को आयोज‍ित होने वाली है। मधु ने जून 2019 में प्रारंभिक परीक्षा पास की थी। पोल साइंस और इंंटरनेशनल र‍िलेशन (Political Science & International Relations), एथि‍क्‍स (Ethics), भाषा (Language), जनरल स्‍टडीज (General Studies), मैथ्‍स और एस्‍से राइट‍िंग व‍िषयों के साथ परीक्षा दी थी।

मधु, बीएमटीसी बस में खाकी ड्रेस पहनकर 8 घंटे यात्र‍ियों के ल‍िये ट‍िकट काटने का काम करते हैं, लेकिन उन्‍होंने कभी अपने काम को अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने द‍िया। वह कर्नाटक के मलावली के रहने वाले हैं और बहुत कम उम्र में ही काम करना शुरू कर द‍िया था।

बेंगलुरु म‍िरर को द‍िए गए एक साक्षात्‍कार में मधु एनसी ने कहा क‍ि वह हमेशा से जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते थे। इसलिये बहुत कम उम्र से ही काम करना शुरू कर द‍िया लेक‍िन पर‍िवार ने कभी उन्‍हें पढ़ने से नहीं रोका। वह हर द‍िन करीब 5 घंटे पढ़ाई करते हैं। मधु सुबह 4 बजे उठते हैं और काम पर जाने से पहले वह पढ़ाई खत्‍म करते हैं। मधु तब 19 साल के थे, जब उन्‍होंने बीएमटीसी (BMTC) में कंडक्‍टर का काम शुरू क‍िया था।

हालांक‍ि, मधु के माता-पिता को यह मालूम नहीं है क‍ि उन्‍होंने कौन सी परीक्षा पास की है। अपने परिवार में मधु इकलौते ऐसे व्‍यक्‍ति‍ हैं, ज‍िन्‍होंने राजनीत‍ि व‍िज्ञान में मास्‍टर्स (Masters in Political Science) क‍िया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि‍ मधु ने यूपीएससी मुख्‍य परीक्षा के ल‍िये कोई कोच‍िंग नहीं की। आईएएस ऑफिसर सी श‍िखा (C Shikha, IAS officer) ने मधु का मार्गदर्शन क‍िया और उन्‍हें बताया कि‍ परीक्षा में उत्‍तर कैसे ल‍िखना है।