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संविधान, कानून और नियम में क्या अंतर है, सरल शब्दों में समझिए | What is the difference between constitution, law and rule

भारत में पहले 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता था। भारत को स्वतंत्रता तो 15 अगस्त 1947 को मिल गई थी लेकिन भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसलिए सही गणतंत्र दिवस कहा गया और यह दिन भारत के राष्ट्रीय पर्व के रूप में घोषित किया गया। लेकिन अब भारत में 26 नवंबर को संविधान दिवस भी मनाया जाता है। वह इसलिए क्योंकि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया था। या बेसिक जानकारी तो आपको कहीं भी मिल जाएगी लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि संविधान और कानून में क्या अंतर होता है। क्या दोनों एक ही होते हैं। क्या दोनों अलग-अलग तरह के अपराधों के लिए होते हैं। जिस तरह राज्य सरकारें कानूनों में बदलाव कर लेती हैं क्या संविधान में भी परिवर्तन कर सकती हैं। आइए इन सब सवालों के सरल शब्दों में जवाब तलाशे: 

संविधान क्या है, क्यों बनाया गया, इसकी जरूरत क्या है 

संविधान इस दुनिया का सर्वोच्च नियम है। यह तीन काम करता है: 
1. यह सरकार बनाता है अर्थात सरकार का ढांचा किया संरचना संविधान के अनुसार होती है। इसे कोई भी सरकार अपने तरह से बदल नहीं सकती। 
2. संविधान सरकार को शक्तियां प्रदान करता है ताकि सरकार कानून बना सके, उन्हें लागू कर सके और देश में शांति, सौहार्द वह ईमानदारी स्थापित कर सके। 
3. संविधान सरकार की शक्तियों को सीमित करता है ताकि सत्ता में बैठे हुए पदाधिकारी मनमानी न कर पाए। देश के अस्तित्व के खिलाफ फैसला ना ले पाए। ऐसे कानून ना बना पाए जो जनता के लिए नुकसानदायक हो। 

कानून क्या है, क्यों बनाये जाते है 

जैसा कि आप समझ ही चुके हैं किस संविधान से शक्तियां प्राप्त करने के बाद सरकार कानून बनाती है। यह कानून ज्यादातर नियंत्रण के लिए होते हैं। अपराधों में नियंत्रण। सामाजिक सद्भाव पर नियंत्रण। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण इत्यादि। कानून इसलिए बनाए जाते हैं ताकि लोगों के हित सुरक्षित हो। 

हर राज्य सरकार अपने कानून क्यों बनाती है 

भारत कई राज्यों का एक संघ है। सभी राज्यों के नागरिकों का रहन-सहन, जीवन जीने का तरीका, परिस्थितियां एवं परंपराएं अलग अलग होती है। इसीलिए संविधान में राज्य की सरकारों को यह स्वतंत्रता दी है कि वह अपने राज्य के नागरिकों के हित में उनकी सुरक्षा के लिए कानून बना सकें। लेकिन इसके लिए उन्हें मंजूरी लेनी होती है। एक संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना होता है जो आसान नहीं है। 

नियम क्या है, कौन बनाता है, क्यों बनाए जाते हैं 

यह उचित प्रश्न है कि जब देश में संविधान और कानून लागू है तो फिर नियमों की क्या जरूरत है। सरल शब्दों में समझिए। नियम, कानून का छोटा भाई है। इनको बनाने की प्रक्रिया कानून बनाने की प्रक्रिया की तरह जटिल नहीं है। नियम अपराधों को रोकने के अलावा सिस्टम को बनाए रखने के लिए भी बनाए जाते हैं। नियमों का उल्लंघन भी अपराध है और उसके लिए भी सजा होती है लेकिन वह कानून का उल्लंघन नहीं होता। नियम एक वर्ग विशेष के लिए भी बनाए जाते हैं जो सभी पर लागू नहीं होते। सरकारों के विभिन्न विभाग या निजी संस्थाएं अपने लोगों को अनुशासित बनाए रखने के लिए नियम बनाते हैं। इन्हें कभी भी बदला जा सकता है।

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