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दूसरे हनी ट्रैप गैंग का कथित सरगना TI यादव सस्पेंड | MP NEWS

भोपाल। राजधानी भोपाल में चल रहे एक अन्य हनी ट्रैप गैंग के कथित सरगना टीआई हरीश यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि अयाेध्या नगर थाने में पाेस्टिंग के दाैरान हनी ट्रैप गैंग को संरक्षण दिया एवं बड़े लाेगाें काे ब्लैकमेल कर मिले अवैध धन में अपना हिस्सा लिया। 

अब भोपाल पुलिस टीआई से पूछताछ करेगी

आराेपाें की प्राथमिक जांच के बाद सागर के बहेरिया थाने में पदस्थ निरीक्षक हरीश यादव काे एसपी अमित सांघी ने सस्पेंड कर दिया है। भाेपाल से भेजे गए पत्र के आधार पर कार्रवाई की गई है। इस मामले की जांच के चलते कुछ दिन पहले ही यादव काे शहर के बाहर बहेरिया थाने में पदस्थ कर दिया गया था। निलंबन की कार्रवाई के संकेत उन्हें पहले ही मिल गए थे। इसके बाद वे साेमवार काे थाने नहीं पहुंचे। भाेपाल पुलिस इस मामले में पूछताछ के लिए उन्हें तलब करेगी।

आईजी भोपाल ने पत्र लिखा था

अयोध्या नगर के तत्कालीन थाना प्रभारी हरीश यादव और उनके तीन सहयोगी पुलिसकर्मियों ने कॉल गर्ल्स के साथ मिलकर बिजनेसमैन एवं अन्य लोगों को ब्लैकमेल करके लाखों रुपए की वसूली की थी। पुलिस की जांच में यादव की संलिप्तता पाई गई। जांच के बाद आईजी भोपाल योगेश देशमुख ने सागर आईजी व एसपी काे निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था। इस संबंध में पूछताछ के लिए भोपाल पुलिस ने भी यादव को नोटिस भेजा है। 

मामला क्या है

24 सितंबर को भाेपाल पुलिस ने देहव्यापार में लिप्ट गैंग पकड़ी थी। रैकेट से जुड़ी युवतियां शादीशुदा और व्यापारियों को ज्यादती के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थी। इनमें दाे काल गर्ल्स के अलावा दलाल रुप नारायण गिरि और दीपांकर मंडल उर्फ बाबू मंडल शामिल थे। इन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया। इस गैंग के संपर्क में और भी कई युवतियां हैं, जो कि भाेपाल के रईसजादों को ब्लैकमेल करती हैं। कॉलगर्ल के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी जांच में निरीक्षक यादव, मिसरोद थाने में पदस्थ एएसआई बहादुर पटेल, अयोध्या नगर थाने में पदस्थ सिपाही रुपन राजू और एक अन्य सिपाही सिंघार सिंह के खिलाफ पुलिस काे पुख्ता सबूत मिले हैं। इस बीच निरीक्षक यादव काे सागर तबादला हाे गया था। वे पहले रहली, इसके बाद गाेपालगंज और फिर बहेरिया थाना प्रभारी बने।

हर माह 1 कारोबारी को ब्लैकमेल करते थे

राजू कॉल गर्ल्स और दोनों दलालों के संपर्क में था। उसने ही निरीक्षक यादव को इस गैंग से मिलाया था। यादव ने थाना प्रभारी अयोध्या नगर के अपने पांच महीने (12 अक्टूबर 2018 से 2 मार्च 2019) के कार्यकाल में पांच से ज्यादा बिजनेसमैन को ब्लैकमेल करके लाखों रुपए वसूल किए थे। व्यापारियों से जो रकम टीआई द्वारा वसूली जाती थी, उसमें से 10 से 15 हजार रुपए ही कॉल गर्ल्स को दिए जाते थे। एसपी अमित सांघी ने बताया कि मंगलवार काे भाेपाल से पत्र आ गया है।