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SBI: खाते में पैसा जमा कराने पर भी चार्ज लग रहा है | OMG!

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने एक अक्टूबर से ग्राहकों से जुड़ी सेवाओं में कई बदलाव कर दिया है। अब अपने खाते में पैसा जमा कराने पर भी चार्ज लग रहा है। आप अपने ही खाते में एक माह में केवल 3 बार पैसे जमा करा सकते हैं। यदि इससे ज्यादा बार रुपये जमा किए तो प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का चार्ज देना होगा। इस नए नियम से ग्राहक परेशान हैं।

एसबीआइ के नए नियम में कैश जमा करने के साथ रुपये निकालने का नियम भी बदल गया है। 25 हजार रुपये की औसतन मासिक बैलेंस मेंटेन करने वाले खाताधारकों को एक माह में दो बार फ्री कैश विड्रॉल, 25 से 50 हजार रुपये औसत मासिक बैलेंस मेंटेन करने वालों को 10 और 50 से एक लाख रुपये बैलेंस मेंटेन करने वाले 15 बार फ्री में कैश विड्रॉल कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें 50 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) देना होगा।

एनईएफटी और आरटीजीएस भी पर भी चार्ज लगेगा

अभी तक एनईएफटी करने पर कोई चार्ज नही देना होता था, लेकिन ग्राहकों के लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) या रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) चार्जेज फ्री है, लेकिन शाखाओं को इसके लिए चार्ज देना होता है। अब 10 हजार रुपये तक के एनईएफटी ट्रांजेक्शन पर दो रुपये और जीएसटी चार्जेबल होगा जबकि एनईएफटी के जरिए दो लाख रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर 20 रुपये और जीएसटी अतिरिक्त शुल्क के रूप में देय होगा। आरटीजीएस के जरिए दो लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के ट्रांसफर पर ग्राहकों को 20 रुपये और जीएसटी देना होगा। पांच लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर करने पर यह रकम जीएसटी के साथ 40 रुपये हो जाएगी।

4 रुपए प्रति चेक लगेगा 

एसबीआइ में अब बचत खाते पर एक वित्त वर्ष में 25 की जगह केवल 10 चेक ही मुफ्त देगा। इसके बाद 10 चेक लेने पर 40 रुपये देने होंगे, जबकि पहले मुफ्त चेकबुक के बाद 10 चेक लेने पर 30 रुपये देने पड़ते थे। इसमें जीएसटी अलग से चुकाना होगा।

मंथली मिनिमम बैलेंस में भी बदलाव

आगरा में सेमी अर्बन ब्रांच में एसबीआइ ग्राहकों को अपने खाते में मंथली मिनिमम बैलेंस के तौर पर 2000 रुपये मेंटेन करना होगा। सेमी अर्बन ब्रांच में अगर ग्राहक 50 फीसदी से कम बैलेंस मेंटेन कर पाता है तो उसे 7.50 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा। 50 से 75 फीसदी तक की रकम को मेंटेन करने पर 10 रुपये के साथ जीएसटी देना होगा। 75 फीसद से ऊपर की रकम को मेंटेन रखने पर 12 रुपये और जीएसटी चार्ज लगेगा।

रूरल ब्रांच में एक हजार करना होगा मेंटेन

रूरल ब्रांच में एक हजार रुपये मंथली अवरेज मेंटेन करना होगा और अगर कोई ग्राहक 50 फीसद से कम रकम मेंटेन रखता है तो उसे 5 रुपये, 50 फीसदी से ज्यादा की रकम पर और 75 फीसदी तक 7.50 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा। 75 फीसद से ज्यादा की रकम पर 10 रुपये और जीएसटी देना होगा। चार्ज लगेगा साथ में जीएसटी भी देना होगा। 25,000 रुपये की अवरेज मंथली बैलेंस राशि वाले खाताधारक महीने में दो बार मुफ्त नकद निकासी कर सकते हैं।

एटीएम के बदले नियम

शहरों के एसबीआइ एटीएम में से अधिकतम 10 बार फ्री डेबिट ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। अभी यह लिमिट छह ट्रांजेक्शन की है। अन्य जगहों के एटीएम से अधिकतम 12 फ्री ट्रांजेक्शन किए जा सकेंगें।

ये रही छूट

नॉन-होम ब्रांच के जरिए अपने खाते में दो लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। इसके बाद ब्रांच मैनेजर यह फैसला लेगा कि आप इससे अधिक रकम जमा कर सकते हैं या नहीं।

पेट्रोल-डीजल पर कैशबैक नहीं

एसबीआइ क्रेडिट कार्ड से पेट्रोल-डीजल लेने पर अब 0.75 फीसद कैशबैक नहीं मिलेगा। अन्य बैंक भी यह छूट देते हैं।