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ग्वालियर में 'कॉफी विद कलेक्टर' शुरू, अच्छे कर्मचारी इनवाइट किए जाएंगे | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। अपने शासकीय दायित्वों का अचछे से निर्वहन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मान भी मिलना चाहिए। ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी (Collector Anurag Chaudhar) ने नई पहल प्रारंभ की है। उन्होंने कहा है कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को माह में एक बार परिवार सहित कलेक्ट्रेट में बुलाकर चाय के साथ चर्चा की जायेगी। उनके द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों का उल्लेख उनके परिवार के सामने भी किया जायेगा। 

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में यह बात कही है। बैठक में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के साथ-साथ अपने शहर के विकास में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का अधिक से अधिक योगदान हो, इस पर भी विस्तार से चर्चा कर दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत शिवम वर्मा, एडीएम श्री टी एन सिंह, अपर कलेक्टर किशोर कान्याल, अपर कलेक्टर अनूप कुमार सिंह सहित जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को एक-एक कोरा कागज देकर 6 बिंदुओं पर अपना मत अंकित कर प्रस्तुत करने को कहा। सभी अधिकारियों द्वारा अपनी प्राथमिकताएं, कार्यालयीन प्रबंधन, ग्वालियर के विकास में उनकी सोच, वृक्षारोपण में योगदान, विद्यादान योजना में योगदान तथा पारिवारिक दायित्वों में उनकी भूमिका पर अपनी-अपनी राय लिखकर प्रस्तुत की। 

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय सेवा में होने के कारण हमारे अपने शासकीय दायित्व हैं। इन दायित्वों का अच्छे से पालन करना हमारा कर्तव्य है। इसके साथ ही परिवार के प्रति भी हमारा उत्तरदायित्व निर्धारित है। अपने परिवार को समय देना और उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ बेहतर जीवन के लिए कार्य करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जो अधिकारी-कर्मचारी अच्छा कार्य करते हैं, उन्हें सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया है। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को माह में एक बार परिवार सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुलाकर चाय के साथ चर्चा शुरू की जायेगी। इससे उनके परिवार जनों को भी मालूम पड़े कि उनके द्वारा शासन हित में क्या बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। 

कलेक्टर श्री चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से यह भी कहा कि साल में एक बार कम से कम 7 दिन का अवकाश लेकर परिवार सहित घूमने भी सबको जाना चाहिए। अवकाश का समय ऐसा निर्धारित किया जाना चाहिए, जिस समय उनके शासकीय दायित्वों के निर्वहन में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। 

बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में सीएम हैल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।