Loading...

मप्र भाजपा: 20 सितम्बर किसान आंदोलन का प्रतिवेदन | MP NEWS

भोपाल। बाढ़ पीड़ित किसानों के प्रति मध्यप्रदेश सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये और किसान कर्जमाफी को लेकर सरकार की धोखाधड़ी के खिलाफ आज मध्यप्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी के झंडे तले प्रदेश के लाखों किसानों ने आंदोलन किया। सभी विधानसभा क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन करके स्थानीय सक्षम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए। धरना स्थलों पर चेतावनी दी गई कि यदि सरकार का रवैया इसी प्रकार जारी रहा तो उसे भाजपा और प्रदेश के किसान चैन से नहीं रहने देंगे। अनेक धरना स्थलों पर किसानों का आक्रोश फूट रहा था। धरना स्थलों पर किसानों की भारी भरकम संख्या ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस के वचन-पत्र की असलीयत अब वह समझ चुका है और सरकार के साथ आरपार की लड़ाई के लिए तैयार है। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह जी ने किसानों के साथ हो रहे उपेक्षापूर्ण बरताव के खिलाफ सभी विधानसभा क्षेत्रों में आंदोलन का आव्हान किया था, जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव सहित भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने धरना प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

राहुल धोखेबाज, मॉ-बेटा किसानों से माफी मांगें और कर्जमाफ करें : शिवराज सिंह चौहान

Image
इच्छावर और बुदनी विधानसभा क्षेत्रों में धरना स्थलों पर उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा तुमने कह दिया कर्जा माफ। अब 10 महीने हो गए, लेकिन कर्जा माफ नहीं हुआ। विश्वासघाती राहुल  तुमने किसानों को मार डाला। उनकी पीठ में छुरा भोंक दिया। किसानों को गड्ढे में ढंकेल दिया। कर्जमाफी के चक्कर में फंसकर किसान डिफाल्टर हो गए। खाद-बीज का कर्ज हम शून्य प्रतिशत ब्याज पर देते थे, अब 14 परसेंट का ब्याज देना पड़ रहा है। किसानों ने जैसे-तैसे उधार लेकर फसल बोई, वो बारिश में बर्बाद हो गई। हमें फसलों का मुआवजा तो चाहिए ही चाहिए, लेकिन मैं राहुल गांधी- सोनिया गांधी से कहता हूं कि अगर जरा भी गैरत है, तो किसानों का कर्जा माफ करवाओ और उनसे माफी मांगो। किसानों की कर्जमाफी, बारिश से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में तत्काल राहत दिए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर तथा किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार के असंवेदनशील रवैये के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों ने किया। इसके बाद किसानों की मांगों के संबंध में प्रशासन को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।

किसानों की बर्बादी पर सरकार का ध्यान नहीं

Image
सीहोर जिले के इछावर में धरना आंदोलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सोयाबीन की जड़ें गल गईं, फली गिर गईं, फसलें अफलन की शिकार हो गईं, बर्बाद हो गईं। मक्का, उड़द और खरीफ की अन्य फसलें पूरी तरह खत्म हो गईं, लेकिन किसानों को कोई सुनने वाला नहीं। श्री चौहान ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि कमलनाथ भैया, अब तो सर्वे की जरूरत भी नहीं है, अगर मामा होता तो बिना सर्वे के राहत दे देता। उन्होंने कहा कि किसानों की कठिनाइयों पर सरकार ध्यान ही नहीं और सरकार में बैठे लोग कहीं देखने भी नहीं जाते। खुद जाते नहीं और मामा जाता है, तो तकलीफ होती है, गाली देते हैं। श्री चौहान ने कहा कि मैं भले ही मुख्यमंत्री नहीं हूं, लेकिन किसानों का भाई और बच्चों का मामा तो हूं। उन्होंने कहा कि आज इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से हम मांग करते हैं कि कम से कम 40 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर मुआवजा चाहिए। किसानों को बोनस की राशि चाहिए, कर्जमाफी चाहिए, खाद बीज के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज चाहिए,  बहनों के समूहों का कर्जामाफ हो और बिजली का बिल हॉफ होना चाहिए।

सर्वे शुरू नहीं हुआ तो कमलनाथ सरकार का चलना मुश्किल कर देंगे : भार्गव

सागर जिले के रहली में धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रशासन और प्रदेश सरकार राहत कार्यों के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं,  लेकिन मंदसौर जिले के बाढ़ पीड़ितों तक सरकार पेट भरने जितनी भी राहत नहीं पहुंचा पाई है। बाढ़ पीड़ित समाजसेवियों और अपने रिश्तेदारों पर निर्भर हैं। 6 दिन बाद भी सरकार पीड़ितों के बीच नहीं पहुँच पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अगर तत्काल प्रभावित किसान और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं देगी, फसलों का सर्वे शुरू नहीं हुआ, तो कमलनाथ सरकार चलना मुश्किल कर देंगे। नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव ने बुंदेलखंडी में सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘नईया जब डगमग पईयो गोपाल संभाले रहियो’ ये केवल एक गाना नही है। आज पूरे मध्यप्रदेश की नईया डगमग है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए कई बार सड़कों पर उतरे हैं और आज एक बार फिर वही दौर आ गया है। उन्होंने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा।

कांग्रेस ने प्रदेश की भोली जनता को जाल में फंसायाः खटीक

छतरपुर जिले के नौगांव में महाराजपुरा में बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलवाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार खटीक के नेतृत्व विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. वीरेन्द्र कुमार खटीक ने कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है। कांग्रेसी नेताओं ने प्रदेश की भोली-भाली जनता को झूठा आश्वासन देकर अपने जाल में फंसा कर सरकार बना ली,  लेकिन अब वादाखिलाफी कर रहे हैं।

आपदा प्रबंधन नहीं कर पाई कमलनाथ सरकार

अशोकनगर में गांधी पार्क चौराहे पर किसानों की समस्याओं और प्रदेश सरकार की विफलताओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में उपस्थित किसानों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में अति वर्षा होने के बावजूद कमलनाथ सरकार आपदा प्रबंधन नहीं कर पाई, जो कि चिंता का विषय है।

भय और भ्रष्टाचार के साथ लापरवाही चरम पर

शिवपुरी जिले में बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे एवं किसानों के मुद्दों को लेकर आज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री रणवीरसिंह रावत के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान एसडीएम कार्यालय का घेराव भी किया गया। किसानों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री रणवीर सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में भय और भ्रष्टाचार के साथ सरकारी लापरवाही चरम पर पहुंच गई है। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है तथा बाढ़ के हालात का जायजा लेने के बजाय प्रदेश सरकार के मुखिया कमलनाथ और उनके मंत्री मंत्रालय में बैठकर बयान जारी कर रहे हैं।

ऐसी बर्बादी कि सिर छुपाने को जगह नहीं बची

इंदौर जिले की राऊ विधानसभा में कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि अतिवर्षा से आई बाढ़ में हजारों घर बह गए, हजारों मवेशी बहकर मर गए। घरों में रखे सोयाबीन, गेहूँ, सरसों, लहसुन, चना आदि अनाज नष्ट हो गए, फसलें बर्बाद हो गईं। ऐसी तबाही हुई की सिर छुपाने की जगह नहीं बची। मुख्यमंत्री, मंत्री प्रभावित गाँवों में नहीं पहुँचे। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार आपदा प्रबंधन में पूर्ण रूप से नाकाम रही है। इस अवसर पर संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा विधायक प्रत्याशी मधु वर्मा, नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, पूर्व जिला अध्यक्ष रवि रावलिया के नेतृत्व में किसान आंदोलन और विशाल धरना प्रदर्शन में उपस्थित थे।

ना कर्ज माफ हुआ, ना मुख्यमंत्री बदले

प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक सुश्री उषा ठाकुर ने महू विधानसभा में आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कहा था, सभी किसानों का 2.00 लाख तक कर्ज माफ करेंगे। राहुल गाँधी ने वादा किया था कि सरकार बनते ही 10 दिन में कर्ज माफ कर देंगे, नहीं तो मुख्यमंत्री बदल देंगे। कमलनाथ सरकार के शपथ लेने के 9 माह बाद भी किसानों का पूरा कर्ज माफ नहीं हुआ और ना ही मुख्यमंत्री ही बदले गए। धरना आंदोलन में  जिला अध्यक्ष अशोक सोमानी के नेतृत्व में दिनेश पटेल, सुनील तिवारी, करणसिंह ठाकुर, धन्नालाल निनामा, मनोज पाटीदार मेहमूद सेठ, प्रहलादसिंह ठाकुर, जसवंतसिंह पटेल, रवि रावलिया, जीतमल वर्मा, राकेश यादव, मुकेश जरिया, संतोष पाटीदार सहित सैकडों कार्यकर्ता शामिल थे।
डबरा में आज किसानों की मांगों को लेकर तथा सरकार की उदासीनता के विरोध में पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया। श्री पवैया ने कहा कि केंद्र सरकार से सहायता मांगने वाली कांग्रेस सरकार को यह बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार ने किसानों के लिए जो 863 करोड़ रुपए भेजे थे,  वो कहां गए। किसानों को एक रुपया भी नहीं मिला। आंदोलन के दौरान पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कटनी जिले के मुंडवारा और विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश का अन्नादाता परेशान है और सरकार उनके साथ छलावा कर रही है। चुनाव के दौरान झूठे वादे कर सत्ता हथियाने वाली कांग्रेस ने मध्यप्रदेश को चौपट कर दिया है। हर जगह हाहाकार मचा हुआ है। इस अवसर पर मुंडवारा में जिला अध्यक्ष श्री संदीप जायसवाल और विजयराघवगढ़ में पूर्व मंत्री श्री संजय पाठक उपस्थित थे। 

भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का धरना-प्रदर्शन लिलि टॉकिज के सामने संपन्न हुआ। आंदोलन में सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता श्री आलोक संजर, पूर्व विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह, श्री शैलेन्द्र प्रधान, श्री अशोक सैनी, श्री महेश शाक्य, श्री राजीव श्रीवास्तव, श्री राजकुमार विश्वकर्मा सहित जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

रतलाम में गीता मंदिर चौराहे पर बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने तथा अन्य मांगों को लेकर  धरना-प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विनोद गोटिया, विधायक श्री चेतन कश्यप, श्री दिलीप मकवाना सहित जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बुरहानपुर जिले के खकनार में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान के नेतृत्व में रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं जिला पदाधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जिन वायदों के साथ सरकार में आई थी और आज तक एक भी वायदा पूरा नहीं कर पाई है। प्रदेश का किसान कांग्रेस सरकार की नीतियों से परेशान है। किसानों की कर्जमाफी आज तक नहीं हुई है। यह सरकार ज्यादा दिन तक चलने वाली नहीं है। जनता का कमलनाथ सरकार से विश्वास उठ चुका है।

शाजापुर में बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा दिए जाने तथा अन्य मांगों को लेकर बस स्टैंड पर धरना प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जीतू जिराती, जिला अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह वैश, श्री अरूण भीमावत सहित जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। सुसनेर विधानसभा में बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग तथा प्रदेश सरकार के विरोध में वरिष्ठ नेता श्री सत्यनारायण जटिया के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बाढ़ पीड़ित किसानों सहित पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

आगर में प्रदेश महामंत्री श्री मनोहर ऊटवाल के नेतृत्व में बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

भोपाल जिले के बैरसिया में पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं सांसद श्री अजय प्रताप सिंह एवं विधायक श्री विष्णु खत्री के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा गया। श्री अजय प्रताप सिंह ने कहा कि किसान चौतरफा मार झेल रहा है। कर्जमाफी, अतिवृद्धि, फसलों के नुकसान का आंकलन। लेकिन सरकार की रूचि इन सभी विषयों से हटकर प्रदेश को लूटने मात्र में है।

रायसेन जिले के सिलवानी बजरंग चौराहा पर धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में चारों तरफ त्राहि.-त्राहि मची है और प्रदेश की जनता परेशान है। कांग्रेस सरकार का कर्जमाफी का वादा भी पूरा नहीं हो पाया और बिजली के हजारों रूपए की राशि के बड़े.बड़े बिल उपभोक्ताओं के पास पहुंच रहे है। प्रदेश में किसानों की फसलें बरसात के पानी से चौपट हो चुकी है साथ ही प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है। प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बडी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और किसान मौजूद थे।

सागर जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र में अतिवृष्टि से फसलों एवं कुआँ,  बावड़ी,  मकानों के मुआवजे की मांग को लेकर तथा सरकार द्वारा सर्वे ना करने के विरोध में धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विधायक एवं पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री प्रदीप लारिया के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। आंदोलन में सांसद श्री राज बहादुर सिंह,  सागर विधायक शैलेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। खुरई में बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलवाने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।

ग्वालियर के भितरबार में अतिवृष्टि और बाढ़ से बेहाल हुए किसानों को खराब फसलों का मुआवजा दिलाने तथा अन्य मांगों को सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। महेश्वर विधानसभा क्षेत्र में किसानों को मुआवजा दिए जाने तथा अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसके बाद तहसील कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। आंदोलन के दौरान सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, पूर्व विधायक भूपेंद्र आर्य आदि ने किसानों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

रीवा में बाढ़ पीड़ित किसानों को फसल का मुआवजा दिलवाने तथा अन्य मांगों को लेकर सांसद श्री जर्नादन मिश्रा के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। आंदोलन में जिला अध्यक्ष श्री विद्याप्रकाश श्रीवास्तव, श्री कमलेश्वर सिंह, श्री राम सिंह, श्री रमेश गर्ग सहित पार्टी के जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अनूपपुर में किसानों को मुआवजा, राहत राशि तथा अन्य मांगों को लेकर विशाल  धरना-प्रदर्शन कर  एसडीएम कार्यालय का घेराव किया गया। मांगों को संबंध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। आंदोलन में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल,  सांसद हिमाद्री सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम सहित पार्टी के जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल थे।

होशंगाबाद जिले के इटारसी में किसानों को फसलों के मुआवजा दिए जाने, कर्जमाफी एवं अन्य मांगों को लेकर जयस्तंभ चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत एसडीएम को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। आंदोलन का नेतृत्व विधायक श्री सीताशरण शर्मा ने किया। इस अवसर पार्टी पदाधिकार, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या किसान उपस्थित थे।

उज्जैन के दक्षिण विधानसभा के स्थानीय तरणताल चौराहे पर आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सांसद श्री अनिल फिरोजीया एवं विधायक श्री मोहन यादव ने कहा कि जो अन्नदाता पूरे प्रदेश का पेट भरता है आज वो इस प्रदेश मे छोटी से छोटी चीज के लिए मोहताज है, फसले बरबाद हो चुकी है। आज पूरे प्रदेश का किसान त्राहिमाम कर रहा है और ये गूंगी बहरी सरकार कान मे रुई डाले बैठी है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्री विवेक जोशी, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, प्रदेश प्रवक्ता श्री राजपाल सिंह सीसोदिया, श्री सुरेन्द्र सांखला, श्री सनव्वर पटेल शामिल हुए।

जबलपुर ग्रामीण के पाटन में विधायक श्री अजय विश्नोई, जिला अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश पटेल, श्री आशीष दुबे, सिहोरा में विधायक श्रीमती नंदनी मरावी, पनागर में विधायक श्री इन्दु तिवारी और बरगी विधानसभा में पूर्व विधायक श्रीमती प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन आयोजित कर ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।