Loading...

MP PHE में इस बार 47% ज्यादा बजट, ज्यादा हेंडपंप, ज्यादा नलजल योजनाएं | MP NEWS

भोपाल। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे जी ने अपने विभागीय बजट की अनुदान माँगों के जवाब में कहा कि पेयजल व्यवस्था के लिये इस वर्ष 4 हजार 366 करोड़ रूपये का बजट रखा गया है, जो विगत वर्ष से 47 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि हेण्डपम्प एवं नलजल योजनाओं के लिये 258 करोड़ रूपये की राशि फरवरी-मार्च में उपलब्ध कराई गई। इससे ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि गत 15 साल में केवल 12 प्रतिशत नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदाय की व्यवस्था की गई।

"राइट टू वाटर" अधिनियम के लिए कमे​टी गठित

मंत्री श्री सुखदेव पांसे जी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ जी ने जल के महत्व और परिस्थितियों को पूर्व से भांपते हुए "राइट टू वाटर" अधिनियम की कल्पना की तथा इस कानून का प्रारूप तैयार करने के लिये एक कमेटी गठित की। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, राजस्व, वन विभाग एवं जल संसाधन को शामिल किया गया है। इस अधिनियम को लागू करने के लिये बजट में एक हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

हेंडपंप के लिए 125, नलजल योजना के लिए 600 करोड़

श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि ग्रामीणों की माँग पर जहां जरूरत होगी वहां हेण्डपम्प लगवाया जायेगा। नवीन हेण्डपम्प स्थापना के लिये 125 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया। नवीन एकल नलजल योजनाओं के लिये 600 करोड़ का प्रावधान रखा गया। इससे 600 से अधिक गाँव में योजनाएँ पूर्ण की जायेंगी।

6 माह में 500 से अधिक एकल नलजल योजनाएँ पूर्ण

मंत्री श्री सुखदेव पांसे जी बताया कि विगत 6 माह में 500 से अधिक नलजल योजनाओं के कार्य पूर्ण कर 8 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को लाभान्वित किया है। इसी तरह एक हजार 434 बंद नलजल योजनाओं में नवीन बोर कराए और एक हजार 49 बंद योजनाओं में पाइप लाइन एवं पंप मोटर सुधार कर कुल 2 हजार 483 बंद योजनाओं को चालू भी कराया है। जल स्तर से बंद हैंडपंपों में लगभग 3 लाख मीटर राइजर पाईप बढ़ाकर एवं 6 हजार सिंगल फेज पंप स्थापित कर उन्हें चालू रखा गया। हैंडपम्प सुधार के लिये विशेष अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप सीएम हेल्पलाईन में विभाग को "ए" श्रेणी प्राप्त हुई है।

मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने बताया कि जहां गत वर्ष पूर्व सरकार के शासन में लगभग साढ़े चार हजार सिंगल फेज पंप लगाये गये थे, वहीं इस वर्ष केवल 6 माह में पेयजल व्यवस्था के लिये 6 हजार से अधिक सिंगल फेज पम्प स्थापित कराये। सरकार द्वारा राज्य मद से हैण्डपंप संधारण के लिये 103 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जिससे हैण्डपम्पों का समुचित रख-रखाव हेतु कलपुर्जे, राइजर पाइप, मानव संसाधन आदि की व्यवस्था की जायेगी।

14 और समूह नलजल योजनाएँ की जायेंगी पूर्ण

मंत्री आदरणीय श्री सुखदेव पांसे जी ने बताया कि जल निगम के माध्यम से समूह नलजल योजना में 14 और समूह नलजल योजनाएँ मार्च 2020 तक पूर्ण कराई जाने का लक्ष्य है। इससे एक हजार 147 ग्रामों की लगभग 15 लाख जनसंख्या लाभान्वित होगी।

जल निगम द्वारा पिछले 6 माह में 5 हजार 203 करोड़ रूपये लागत की 25 समूह नलजल योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। जल निगम के अंतर्गत विगत 6 माह में 22 हजार 500 करोड़ की 45 नवीन समूह नलजल योजना डीपीआर तैयार की गई है। इनसे 31 जिलों के 14 हजार 510 ग्रामों के एक करोड़ 72 लाख जनसंख्या लाभान्वित होगी।

मंत्री आदरणीय श्री सुखदेव पांसे जी के जवाब के बाद सदन ने उनके विभाग से संबंधित 4040 करोड़ 17 लाख 56 हजार रूपये की अनुदान माँगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया।